अंतिरम बजट 2014: पढ़िए क्या हुआ सस्ता, कौन हुआ निराश

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Monday, February 17, 2014-4:13 PM

नई दिल्ली: आम चुनाव से ठीक पहले वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने लोकसभा में आज अंतरिम बजट पेश कर दिया है। उन्होंने इनकम टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया, हालांकि कई प्रॉडक्ट पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर आम आदमी को राहत जरूर दी। यह बजट चार महीने के लिए है। लोकसभा चुनाव के बाद नई सरकार पूर्ण बजट पेश करेगी। आइए आपको बताते हैं अंतरिम बजट में क्या-क्या निकला है।

रक्षा बजट में 10 प्रतिशत बढोत्तरी
चुनाव से पहले फौजियों के वोटों को अपने हक में करने के लिए बडा कदम उठाते हुए सरकार ने आज उनकी वर्षों पुरानी समान रैंक, समान पेंशन की मांग स्वीकार कर ली और रक्षा बजट दस प्रतिशत बढाकर 2 लाख 24 हजार करोड़ करने की घोषणा की। चिदम्बरम ने अंतरिम बजट पेश करते हुए बताया कि समान रैंक पेंशन की मांग बहुत भावनात्मक मुद्दा थी जिसे स्वीकार कर लिया गया है और इसे 2014 से लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रक्षा बजट में बीस हजार करोड़ की बढोत्तरी की गई है। पिछले साल का रक्षा बजट दो लाख तीन हजार करोड़ था जिसे अब दो लाख 24 हजार करोड़ कर दिया गया है।

खाद्य मुद्रास्फीति अभी भी चिंता का विषय

चिदंबरम ने आज कहा कि सरकार और आरबीआई दोनों ने मुद्रास्फीति कम करने के लिए साथ-साथ काम किया है पर खाद्य मुद्रास्फीति का 8.8 प्रतिशत पर रहना चिंता का विषय है। उन्होंने 2014-15 के अंतरिम बजट प्रस्ताव में कहा ‘‘सरकार और आरबीआई दोनों ने साथ-साथ (मुद्रास्फीति कम करने के लिए) काम किया है। हमारी कोशिश बेकार नहीं गई लेकिन अभी कुछ दूरी तय करनी बाकी है।’’

राजकोषीय घाटा सीमित रखा जाएगा

सरकार ने आज कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 4.6 प्रतिशत तक सीमित रखा जाएगा जो 4.8 प्रतिशत के पहले के अनुमान से भी कम है। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने संसद में आज पेश अंतरिम बजट में कहा ‘‘एक अच्छी खबर से शुरुआत करना चाहता हूं। वित्त वर्ष 2013-14 के लिए राजकोषीय घाटे को 4.6 प्रतिशत तक सीमित रखा जाएगा जो पिछले साल तय लक्षमण रेखा से काफी कम होगा।’’

बिजली उत्पादन क्षमता दोगुनी होकर 2.34 लाख मेगावाट

चिदंबरम ने संसद में आज अंतरिम बजट (2014-15) भाषण में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘भारत की बिजली उत्पादन क्षमता दस साल पहले (2004 में) 1,12,700 मेगावाट थी जो अब बढ़कर 2,34,600 मेगावाट हो गई है।’ उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में ही 29000 मेगावाट से अधिक अतिरिक्त बिजली उत्पादन क्षमता हासिल की गई है। उल्लेखनीय है कि बिजली सचिव प्रदीप कुमार सिन्हा ने पिछले सप्ताह विश्वास जताया था कि सरकार 2017 तक अतिरिक्त 1,18,000 मेगावाट क्षमता हासिल कर लेगी।

कृषि ऋण 7 लाख करोड़ रुपए के पार होगा
चिदंबरम ने आज कहा कि चालू वित्त वर्ष में कृषि ऋण 7,00,000 करोड़ रुपए के पार होने तथा कृषि निर्यात 45 अरब डॉलर से अधिक रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2014-15 का अंतरिम बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हमें कृषि के शानदार प्रदर्शन को लेकर गर्व है, कृषि ऋण 7,35,000 करोड़ रुपए पहुंचने का अनुमान है जो 7,00,000 करोड़ रुपए के लक्ष्य से अधिक है।’’ चिदंबरम ने यह भी कहा कि कृषि निर्यात चालू वित्त वर्ष में 45 अरब डॉलर को पार कर सकता है जो 2012-13 में 41 अरब डॉलर था।

चिदंबरम ने कहा कि कृषि वृद्धि दर में अच्छी वृद्धि की उम्मीद का कारण विभिन्न फसलों का बंपर उत्पादन का अनुमान है। उन्होंने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2012-13 में खाद्यान उत्पादन 25.5 करोड़ टन रहा। चालू वित्त वर्ष में इसके 26.3 करोड़ टन रहने की उम्मीद है। गन्ना, कपास, दलहन, तिलहन का रिकार्ड उत्पादन की उम्मीद है।’’ बेहतर मानसून के कारण खाद्यान उत्पादन में अच्छी वृद्धि की उम्मीद है।

विनिमय दर में स्थिरता आई है

सरकार ने आज कहा कि भारतीय मुद्रा का प्रदर्शन अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की करेंसी के मुकाबले बेहतर रहा है और विनिमय दर में स्थिरता आई है। वैश्विक हालात में उतार-चढ़ाव से पूंजी प्रवाह का जोखिम बढ़ा और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पिछले साल मई में राजकोषीय प्रोत्सााहन धीरे-धीरे वापस लेने की घोषणा से रुपए का मूल्य बुरी तरह प्रभावित हुआ। वित्त वर्ष 2014-15 के लिए पेश अंतरिम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा ‘‘सरकार, आरबीआई और सेबी ने पूंजी प्रवाह को बढ़ाने ओर विदेशी मुद्राबाजार में स्थिरता लाने के लिए कई पहल किए।’’

अर्थव्यवस्था इस समय अधिक स्थिर
चिदंबरम ने आज कहा कि सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की बदौलत दो साल पहले के हालात के मुकाबले अर्थव्यवस्था इस समय अधिक स्थिर है और चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में विकास दर अधिक रहेगी। तेलंगाना मुद्दे पर भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच चिदंबरम ने लोकसभा में 2014-15 का अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा, ‘‘2013-14 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद में गिरावट को काबू में कर लिया जाएगा और दूसरी तिमाही में वृद्धि चक्र बदलेगा 2013-14 की तीसरी तथा चौथी तिमाही में कम से कम 5. 2 प्रतिशत की वृद्धि दर रहेगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यूपीए सरकार की पिछले 10 साल की सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि पिछले 33 वर्षों की 6.2 प्रतिशत की वृद्धि से उपर है। यूपीए-1 में यह वृृद्धिदर 8.4 प्रतिशत थी जबकि यूपीए-2 में 6. 6 प्रतिशत।’’ चिदंबरम ने कहा कि 2014-15 में अनुमानित योजना व्यय 5, 55, 322 करोड़ रुपए है। यह लगभग पिछले वर्ष के बराबर है। गैर योजना व्यय में मामूली वृद्धि की गई है और यह 12, 07, 892 करोड़ रुपए अनुमानित है। उन्होंने बताया, ‘‘2013-14 के लिए वित्तीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद के 4.6 प्रतिशत पर नियंत्रित कर लिया जाएगा और 2014-15 में यह 4.1 प्रतिशत रहेगा।

अंतरिम बजट में नया कर नहीं

चिदंबरम ने आम चुनावों से पहले अंतरिम बजट पेश करते हुए आज कोई नया कर नहीं लगाया और देश में विनिर्माण गतिविधियों को गति देने तथा घरेलू मांग बढाने के उद्देश्य से कार, मोबाइल, फ्रिज और एयरकंडिशनर को सस्ता करने की घोषणा की। चिदंबरम ने भारी शोर शराबे के बीच वर्ष 2014-15 के लिए अंतरिम बजट पेश किया। बजट में रक्षा व्यय में 10 प्रतिशत की बढोतरी, एक रैंक एक पेंशन को मंजूरी, शिक्षा ऋण में राहत देने, महिलाओं, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति के लिए विशेष प्रावधान की घोषणा की गई।

चालू खाते का घाटा 45 अरब डॉलर रहने की संभावना

चिदंबरम ने आज कहा कि देश का चालू खाते का घाटा (सीएडी) मौजूदा वित्त वर्ष में 45 अरब डॉलर रहेगा जो 2012-13 के रिकार्ड उच्च स्तर से काफी नीचे है। चिदंबरम ने संसद में पेश अंतरिम बजट में कहा, ‘‘सीएडी चालू वित्त वर्ष में 45 अरब डॉलर रहेगा जो पिछले साल 88 अरब डॉलर पहुंच गया था।’’ वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि चालू वित्त वर्ष की समाप्ति तक विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 15 अरब डॉलर की वृद्धि की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2013-14 के पहले छह महीने (अप्रैल-सितंबर) में सीएडी घटकर 26.9 अरब डॉलर (सकल घरेलू उत्पाद का 3.1 प्रतिशत) रहा जबकि 2012-13 में यह 37.9 अरब डॉलर (जीडीपी का 4.5 प्रतिशत) था।

सरकार और रिजर्व बैंक दोनों ने सोने का आयात कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। पिछले वित्त वर्ष 2012-13 में सीएडी बढऩे का एक प्रमुख कारण था। चिदंबरम ने यह भी कहा कि देश का निर्यात 2013-14 में 326 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है जो 2012-13 में 304.5 अरब डॉलर था। उन्होंने कहा कि निर्यात और आयात दोनों में मजबूत वृद्धि की संभावना है।


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