अंतरिम बजट 2014: पढ़िए...बजट पर किसने क्या कहा

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Monday, February 17, 2014-4:17 PM

नई दिल्ली: वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने आज लोकसभा में अंतरिम बजट पेश किया। चिदंबरम द्वारा पेश किए इस बजट पर विभिन्न राजनीतिकों ने अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।

मुख्तार अब्बास नकवी: भारतीय जनता पार्टी के नेता मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने कहा कि ये कांग्रेस का विदाई बजट था, इससे अच्छा था कांग्रेस अपना घोषणा पत्र पढ़ देती। नकवी ने कहा कि पिछले एक दशक से अर्थव्यवस्था का बंटाधार करने वाली सरकार का विदाई बजट भी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने वाला नहीं है। यह बजट कम, कांग्रेस का चुनावी घोषणापत्र ज्यादा है। कांग्रेस इससे अपने भ्रष्टाचार के क्रूज जहाज को कागज के नाव से बचाने का प्रयास कर रही है।

राहुल गांधी: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सेना में 'एक रैंक एक पेंशन' के प्रस्ताव को मिली मंजूरी पर खुश हूं।

मनमोहन सिंह: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज लोकसभा में पेश अंतरिम बजट को मौजूदा आर्थिक हालात में ‘संतुलित बजट’ बताया। सैनिकों के लिए की गई घोषणा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ‘एक रैंक एक पेंशन’ के मुद्दे को समग्र रूप से हल कर लिया गया है
और मुझे विश्वास है कि हमारे सैन्य बलों के जवान और अधिकारी इसका स्वागत करेंगे।

मायावती: बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा, इस चुनावी बजट से कोई फायदा नहीं होगा।

जगदंबिका पाल:कांग्रेस नेता जगदंबिका पाल ने कहा, हम जनता को इस बजट से होने वाले फायदे के बारे में बताएंगे।

मनीष तिवारी: केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, UPA के कार्यकाल में विकास दर में तेजी आई।

जसवंत सिंह: जसवंत सिंह ने वन रैंक वन पेंशन का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि ये हमारी बहुत पुरानी मांग थी मेरा मानना है कि फौजियों के लिए अगर अलग फाइनेंस कमिशन बैठाया जाता तो ज्यादा अच्छा होता।

जितेंद्र सिंह: रक्षा राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने समान रैंक समान पेंशन योजना की तारीफ करते हुए इसका पूरा श्रेय राहुल गांधी को दिया।

जय पांडा: बीजेपी के जय पांडा ने कहा कि हम वन रैंक वन पेंशन का स्वागत करते हैं, लेकिन 9 साल पुरानी मांग राहुल की दखलअंदाजी से अगर दो दिन में मानी जा सकती है तो पहले क्यों नहीं।

गुरुदास दासगुप्ता: भाकपा के गुरुदास दासगुप्ता ने कहा कि बुनियादी आर्थिक चुनौतियों के बारे में अंतरिम बजट में कुछ भी नहीं कहा गया है। मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने के उपाए पर कुछ नहीं कहा गया है, गरीबी दूर करने पर बजट मौन है और बेरोजगारी दूर करने के उपायों का जिक्र तक नहीं है।

डी राजा: भाकपा के डी राजा ने कहा कि यह अंतरिम बजट है और इसमें सरकार ने अपनी पूर्व की उपलब्धियों को उचित ठहराने का प्रयास किया है। जबकि सरकार मुद्रास्फीति और गरीबी रोकने पर पूरी तरह से विफल रही है।

विजय बहादुर सिंह: बसपा के विजय बहादुर सिंह ने कहा कि इस सरकार ने अंतरिम बजट और रेल बजट में इस तरह की घोषणाएं की है जो संविधान के तहत अंतरिम बजट में नहीं की जा सकती हैं। चिदंबरम हार्वर्ड से पढ़े हैं लेकिन ऐसा लगता है कि उन्होंने संविधान ठीक ढंग से नहीं पढ़ा। क्योंकि अंतरिम बजट में केवल कुछ महीने के खर्च के लिए ही पैसा मांगा जाता है।
 
इंडस्ट्री के दिग्गजों की बजट पर राय
हर्षपति सिंघानिया-फिक्की के पूर्व अध्यक्ष हर्षपति सिंघानिया का कहना है कि चुनावी माहौल में वित्त मंत्री ने काफी संतुलित बजट पेश किया है। मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रा सेक्टर पर वित्त मंत्री के ऐलान से साफ जाहिर हो रहा है कि इस ओर सरकार ध्यान आया है जिसका फायदा आगे दिखेगा।


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