आम चुनाव को ध्यान में रखकर रियायतों की घोषणा की गई: जयललिता

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Monday, February 17, 2014-6:31 PM

चेन्नई: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने अंतरिम बजट पर आज कहा कि रियायतों की घोषणा आम चुनाव को ध्यान में रखकर की गई है। बजट पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए जयललिता ने कहा कि इससे ना तो अर्थव्यवस्था की हालत सुधरेगी, ना ही इससे आर्थिक स्थायित्व या आर्थिक वृद्धि दर में योगदान मिलेगा। राजकोषीय रियायतों की घोषणा को अल्पकालिक उपाय बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा पूरी तरह से आम चुनाव को ध्यान में रख कर किया गया।

  जयललिता ने कहा कि सौभाग्य से यह सिर्फ एक अंतरिम बजट है। बेशक केंद्र की नयी सरकार संप्रग द्वारा 10 साल में पहुंचाए गए अधिकांश नुकसान को दूर करने के लिए आवश्यक कार्य करेगी और देश को सचमुच में आर्थिक विकास की राह पर ले जाएगी। चावल को अब कृषि उप्ताद के रूप में शामिल किए जाने और इसे सेवा कर से छूट दिए जाने का जिक्र करते हुए जयललिता ने कहा कि वित्त मंत्री अपने ही भेदभावपूर्ण कार्य को नष्ट कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि चूंकि यह एक अंतरिम बजट है इसलिए वित्त मंत्री पूंजीगत वस्तुओं, ऑटोमोबाइल, मोबाइल फोन पर 30 जून 2014 तक छूट देकर परंपरा से भटक गए। उन्होंने कहा, ‘‘अंतरिम केंद्रीय बजट में तमिलनाडु के लोगों के पास खुश होने के लिए कुछ नहीं है।’’जयललिता ने आरोप लगाया कि सामाजिक क्षेत्र में खर्च में बढ़ोतरी महज आंकड़ेबाजी कर हासिल की गई है।

वहीं, द्रमुक अध्यक्ष एम करूणानिधि ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि चावल को सेवा कर के दायरे से बाहर करना, शिक्षा ऋण पर ब्याज में रियायत, मोबाइल फोन की कीमतों में कमी की संभावना स्वागत योग्य कदम हैं। उन्होंने कहा कि बजट में उम्मीद के अनुरूप रियायत तो नहीं दी गई है लेकिन यह एक हद तक स्वागत योग्य है।


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