केन्द्रीय करों में से राज्यों को 50 प्रतिशत राशि मिले: चौहान

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Monday, February 17, 2014-10:51 PM

भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने आज मंत्रालय में 14वें वित्त आयोग के साथ विस्तृत चर्चा के बाद मांग की कि केन्द्रीय करों के शुद्ध आगमों में राज्यों का हिस्सा वर्तमान 32 प्रतिशत से बढाकर 50 प्रतिशत किया जाना चाहिए। चौहान ने कहा कि वर्तमान अर्थ व्यवस्था की विकास संबंधी आवश्यकताओं को देखते हुए मध्यप्रदेश के लिए राजकोषीय घाटे की सीमा सकल घरेलू उत्पाद के वर्तमान 3 प्रतिशत से बढाकर 5 प्रतिशत की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कहा कि 14वें वित्त आयोग की अनुशंसा अवधि 2015-16 से 2019-20 के बीच समनुदेशन पूर्व का राजस्व घाटा लगभग 3 लाख 25 हजार करोड अनुमानित किया गया है जिसकी प्रतिपूर्ति केन्द्रीय करों में राज्य के हिस्से तथा सहायता अनुदान से की जाए। मुख्यमंत्री ने करों के निर्धारण का आधार 1971 की जनगणना की बजाय 2011 की जनगणना को बनाने का आग्रह किया।

उन्होंने प्रदेश के वनों के रख-रखाव के लिए नेट प्रेजेन्ट वेल्यू का पर्याप्त हिस्सा प्रदेश को दिए जाने की मांग की। उन्होंने उपकर एवं अधिभार टेलीकॉम लायसेन्स शुल्क स्पेक्ट्रम नीलामी तथा पेट्रोलियम खनन लायसेंस शुल्क से प्राप्त राजस्व का 50 प्रतिशत राज्य सरकार को देने का पुरजोर आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने नर्मदा एक्शन प्लॉन के लिए भी धन राशि की मांग की है। मुख्यमंत्री ने वस्तु एवं सेवा कर के विषय में चर्चा करते हुए कहा कि राज्यों के कर संग्रह संवैधानिक अधिकार राज्यों के पास ही रहना चाहिए।


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