मप्र में चालक-परिचालक का वेतन व काम के घंटे तय होंगे: शिवराज

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Tuesday, February 18, 2014-12:22 PM

भोपाल: मध्य प्रदेश में चालक-परिचालकों का पंजीयन किया जाएगा और उनके कल्याण के लिए कल्याण बोर्ड बनाए जाने के साथ उनके न्यूतनम वेतन तथा काम के घंटे निर्धारित किए जाएंगे। यह घोषणा सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चालक-परिचालकों की महापंचायत में किया। मुख्यमंत्री निवास पर सोमवार को हुई इस महापंचायत में चौहान ने कहा कि चालक-परिचालक हमारे समाज का हिस्सा हैं। उन्हें सम्मान से रहने का हक है।

 

चालक-परिचालक देश को जोड़ते हैं। वे लोगों को जोड़ते हैं। उनकी समस्याओं को दूर करने और उनकी जिंदगी में खुशहाली लाने के लिए इस पंचायत का आयोजन किया गया है। उन्होंने चालक-परिचालकों को नशा नहीं करने का और प्रदेश को आगे बढ़ाने में योगदान देने का संकल्प दिलवाया। मुख्यमंत्री चौहान ने चालक-परिचालकों के कल्याण के लिए घोषणाएं करते हुए कहा कि चालक-परिचालक कल्याण बोर्ड की स्थापना की जाएगी तथा इसकी कल्याणकारी गतिविधियों के लिए राज्य शासन द्वारा 10 करेाड़ रुपये दिए जाएंगे।

 

यह बोर्ड चालक-परिचालकों को दुर्घटना तथा असाध्य बीमारी की स्थिति में एक लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराएगा। दुर्घटना तथा अन्य कारण से अक्षम होने पर चालक-परिचालकों के पुनर्वास, उनके प्रतिभाशाली बच्चों की उच्च शिक्षा में मदद, शासकीय अस्पताल में इलाज के लिए 30 हजार रुपये तक की सहायता की व्यवस्था करेगा। यह इस वर्ग के कल्याण की योजनाओं का पर्यवेक्षण भी करेगा। इसमें चालक-परिचालकों के प्रतिनिधि भी रहेंगे।

 

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि चालक-परिचालकों का पंजीयन किया जाएगा तथा उन्हें समग्र सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत प्रसूति सहायता, विवाह सहायता, चिकित्सा सहायता, छात्रवृत्ति, आकस्मिक मृत्यु पर सहायता, दुर्घटना पर सहायता योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत युवा चालक-परिचालकों को ऋण अनुदान दिया जायेगा। जनश्री बीमा योजना में सभी पंजीत चालक-परिचालकों का बीमा राज्य सरकार कराएगी। इससे उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्राप्त होगी।

 

चौहान ने इस मौके पर कहा कि उत्कृष्ट चालक और परिचालक को एक लाख रुपये का सारथी का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा पंजीकृत चालक व परिचालक को एक रुपये किलो चावल व गेहूं दिया जाएगा। चौहान ने एलान किया कि कौशल उन्नयन के लिए सभी संभागीय मुख्यालयों में चालक-परिचालक प्रशिक्षण केन्द्र खोले जाएंगे। परमिट, लाइसेंस और वाहन फिटनेस की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में नए रूट पर परमिट दिए जाएंगे। सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में ऑटो-टैक्सी स्टैण्ड बनाए जाएंगे।

 

मुख्यमंत्री चौहान ने पंचायत में विभाग की अद्यतन वेबसाइट का लोकार्पण किया। परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि पहली बार चालकों की पंचायत बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि यह सरकार जनता के सुझावों पर निर्णय लेने वाली सरकार है। पंचायत में परिवहन विभाग की वेबसाइट से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी परिवहन आयुक्त संजय चौधरी ने दी।


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