विधानसभा में भाजपा के हंगामे के कारण प्रश्नकाल नही हो सका

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Tuesday, February 18, 2014-3:39 PM

पटना: बिहार विधानसभा में आज कानून व्यवस्था की खराब स्थिति पर चर्चा कराने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं हो सका। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही प्रतिपक्ष के नेता नंदकिशोर यादव समेत भाजपा के विधायक राज्य में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति पर सदन में चर्चा कराने की मांग करने लगे। सभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने इस विषय को प्रश्नकाल के बाद उठाने का आग्रह किया लेकिन भाजपा के सदस्य नहीं माने और शोरगुल तथा नारेबाजी करते हुए सदन के बीच में आ गए। भाजपा सदस्यों के शोरगुल और हंगामे के कारण प्रश्नकाल नही हो सका।

सभाध्यक्ष ने कई बार सदस्यों से अपनी सीट पर जाने का आग्रह किया लेकिन जब सदस्य नही माने तब करीब 15 मिनट के बाद सभा अध्यक्ष चौधरी ने सभा की कार्यवाही साढ़े बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सभा की कार्यवाही दोबारा साढ़े बारह बजे दोबारा शुरू होने पर प्रतिपक्ष के नेता नंदकिशोर यादव ने फिर से कानून व्यवस्था पर सदन में चर्चा कराने के लिए कार्यस्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करने की मांग की। यादव की मांग के समर्थन में भाजपा के विधायक फिर शोरगुल करने लगे। सभाध्यक्ष ने बाद में यादव और भाजपा के अश्विनी कुमार चौबे की कार्यस्थगन सूचना को नियम के अनुकूल तथा समय पर नही देने के कारण अमान्य कर दिया।

कार्यस्थगन प्रस्ताव को अमान्य किये जाने पर भाजपा सदस्य फिर से हंगामा करने लगे। इसके बाद सभाध्यक्ष ने बताया कि डेढ़ बजे उनके कक्ष में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक है। इसके बाद भाजपा के सदस्य शांत हो गए और तब शून्यकाल शुरू हो सका। शून्यकाल के दौरान भाजपा के अरूण शंकर प्रसाद ने कहा कि प्रदेश मुखिया महासंघ से जुड़े मुखिया अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हैं। इस पर भाजपा सदस्य मुखिया संघ के समर्थन में शोरगुल करने लगे। यादव ने कहा कि कई लोगों की स्थिति आमरण अनशन के कारण गंभीर हो गई है लेकिन सरकार इसपर कोई ध्यान नही दे रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार को अविलम्ब उनसे बातचीत कर उनकी समस्या का समाधान करना चाहिए। इस पर राज्य के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मुखिया महासंघ के प्रतिनिधि यदि सरकार से बातचीत को तैयार है तो सरकार उनसे बातचीत करेगी।


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