कभी सत्संग के दौरान खूब झूमते थे आसाराम, अब उन्हें धकेलना पड़ता है

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Tuesday, February 18, 2014-4:13 PM

जोधपुर: नाबालिग से यौन शोषण के आरोप में जोधपुर की जेल में बंद बापू आसाराम कभी सत्संग में श्रद्धालुओं के बीच घंटों झूमने और थिरकने वाले आसाराम अब बिना सहारे कुछ कदम भी नहीं चल पाते। अपने ही आश्रम की नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़ऩ का आरोप क्या लगाए शरीर साथ छोडऩे लगा है। आसाराम को पेशी के लिए वज्र में लाया जाता है। जब वे इससे नीचे उतरते हैं तो पुलिस के कंधों का सहारा लेकर आगे बढऩा पड़ता है।

बाद में दो वकील जो इनके समर्थक बताए जाते हैं सहारा देते हैं। कुछ समय पूर्व तक आसाराम अपने सेवादार शिवा के कंधे पर हाथ रखकर आगे बढ़ते थे। वज्र से कोर्ट परिसर में उन्हें जहां उतारा जाता हैए वहां से कोर्ट की दूरी महज 30 कदम हैए लेकिन इतना सा चलने में ही आसाराम को करीब पांच मिनट लग जाते है। श्रद्धालुओं के बीच हमेशा आशा और विश्वास से भरे रहने वाले आसाराम अब बिल्कुल अकेले हो गए हैं। 13 फरवरी को वे यहां तक कह चुके कि जज साहबए यह मेरा अंतिम प्रणाम हैए क्योंकि मैं थक चुका हूं। इससे पहले भी वे अपने स्वास्थ्य को लेकर पीड़ा जता चुके हैं। आसाराम का यहां आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में उपचार भी चल रहा है।

आसाराम के पुराने वैद्य रहे अमृत प्रजापति ने आरोप लगाया था कि आसाराम शक्ति हासिल करने के लिए पंचेड़ बूटी का उपयोग करते हैंए यह पंचेड़ बूटी और कुछ नहीं अफीम है। इसके अलावा कुछ लोगों का आरोप था कि आसाराम शक्तिवद्र्धक दवाइयों का इस्तेमाल कर तरो-ताजा रहते हैं।


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