एक घंटे के कार्यक्रम में 12 मिनट का विज्ञापन हास्यास्पद: अदालत

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Tuesday, February 18, 2014-8:20 PM

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक घंटे के टेलीविजन कार्यक्रम के दौरान 12 मिनट के विज्ञापन की अनुमति को हास्यास्पद करार देते हुए कहा कि चैनलों पर दिखाये जाने वाले कार्यक्रमों की जगह इश्तहार ले रहे हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बी डी अहमद और न्यायमूर्ति एस मृदुल की पीठ ने कहा, ‘‘60 मिनट के कार्यक्रम में 12 मिनट का विज्ञापन हास्यास्पद है। विषयवस्तु विज्ञापन बन जाता है और विज्ञापन कार्यक्रम की विषयवस्तु बन जाते  हैं।

एक ओपिनियन पोल कराया जाए। सभी लोग विज्ञापनों के लिए मना करेंगे।’’ पीठ ने यह भी कहा कि विज्ञापनों पर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) का नियंत्रण एक उचित कवायद है। उच्च न्यायालय ने ट्राई द्वारा तय सीमा को चुनौती देने वाली ‘मां टेलीविजन नेटवर्क लिमिटेड’ की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। हालांकि अदालत ने चैनलों को अंतरिम राहत देते हुए नियामक को निर्देश दिया कि प्रतिरोधक कार्रवाई नहीं की जाए। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 13 मार्च की तारीख तय की।


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