फुस्स साबित हुआ भाजपा का पोल खोल अभियान

  • फुस्स साबित हुआ भाजपा का पोल खोल अभियान
You Are HereNcr
Wednesday, February 19, 2014-12:18 AM
नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के खिलाफ भाजपा का पोल खोल अभियान पहले दिन ही फ्लॉप शो साबित हुआ। भाजपा भीड़ जुटाने में तो विफल रही ही साथ ही राष्ट्रीय नेतृत्व भी इस अभियान से दूरी बनाए रखा। फ्लॉप शो की हालात यह रही कि नारे लगाने के लिए भी प्रदेश पदाधिकारियों को मंच से अपील करनी पड़ रही थी।
 
इस नारे में न जोश था और न ही उत्साह। यहां मौजूद पार्टी के नेताओं में यही चर्चा होती रही कि यह अभियान कम आम आदमी पार्टी का प्रचार ज्यादा लग रहा है क्योंकि मंच से बार-बार आम आदमी पार्टी को झाड़ू पार्टी कहकर संबोधित किया जा रहा था, जबकि प्रदेश भाजपा नेता आम आदमी पार्टी को बेनकाब करने के लिए बड़े ही जोर-शोर से पोल खोल अभियान का ढिढोरा पीट रहे थे।
 
जिस दिन दिल्ली सरकार गिरी उसी दिन एलान किया गया कि 18 फरवरी से भाजपा पूरे दिल्ली में पोल खोल अभियान शुरू करेगी, जिसकी शुरूआत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज करेंगी लेकिन मंगलवार को जंतर-मंतर पर आयोजित इस अभियान में सुषमा स्वराज पहुंचीं ही नहीं। इतना ही नहीं भाजपा कार्यकत्र्ताओं ने भी इससे दूरी बनाए रखी। धरना स्थल पर यह चर्चा गर्म रही कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना ही गलत था। पार्टी नेता तर्क यह दे रहे थे कि विपक्ष की भूमिका से अब ऊपर उठना होगा।
 
दरअसल, भाजपा पिछले 15 साल से विपक्ष की भूमिका में है, लिहाजा भाजपा का विरोध-प्रदर्शन करने का सगल बन गया है। मंच पर भी पार्टी नेता यही बातचीत करते रहे कि धरना-प्रदर्शन में पोल-खोल कम हो रहा है और आम आदमी पार्टी का प्रचार ज्यादा हो रहा है। कई नेता तो यह कहते सुने गए कि अगर इस तरह का अभियान छेडऩा था तो रामलीला मैदान बेहतर होता जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को जुटाया जाता और राष्ट्रीय नेतृत्व को आमंत्रित किया जाता। 
 
कुछ नेता धरना में सुषमा स्वराज के नहीं पहुुंचने को उचित ठहरा रहे थे। उनका तर्क था कि लोकसभा नेता प्रतिपक्ष आम आदमी पार्टी को तवज्जों दे यह ठीक नहीं है। अब देखना है कि पोल खोल अभियान की अगली कड़ी में आम आदमी पार्टी के विधायकों के क्षेत्र में भाजपा कार्यकत्र्ता कितनी ताकत के साथ कटघरे में खड़ा करते हैं। 
अपना सही जीवनसंगी चुनिए| केवल भारत मैट्रिमोनी पर- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन

Recommended For You