तेलंगाना मुद्दा: आंध्र के CM किरण कुमार रेड्डी ने दिया इस्तीफा

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Wednesday, February 19, 2014-2:11 PM

हैदराबाद: एकीकृत आंध्रप्रदेश के प्रबल समर्थक राज्य के मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेंड्डी ने पृथक तेलंगाना राज्य के विरोध में आज अपने पद, विधानसभा की सदस्यता और कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। रेड्डी ने अपने कैंप आफिस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि वह राज्य के बंटवारे के खिलाफ अपने पद, विधानसभा की सदस्यता और कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं।

 

संवाददाता सम्मेलन में अपने इस्तीफे की घोषणा करके रेड्डी तत्काल राजभवन रवाना हो गए और वहां राज्यपाल ई.एस.एल. नरसिम्हन को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने राज्यपाल को अपने साथ आठ अन्य मंत्रियों और कम से कम 15 विधायकों का इस्तीफा सौंपा। उन्होंने मुख्यमंत्री बनाये जाने के लिये कांग्रेस का धन्यवाद ज्ञापन करने के साथ-साथ पृथक तेलंगाना राज्य संबंधी विधेयक पारित किए जाने के तरीके की निंदा करते हुए कहा कि वह तेलुगु लोगों के हित के खिलाफ राज्य के बंटवारे से खफा होकर पद और पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं।

 

रेड्डी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से हुई मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि सोनिया गांधी ने उस मुलाकात के दौरान उन्हें राज्य के बंटवारे की जानकारी नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि वह शुरू से राज्य को अखंड रखने की लड़ाई लड़ रहे हैं। रेड्डी ने कहा कि वह अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित नहीं है और उन्होंने नई पार्टी के गठन से फिलहाल इनकार किया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना सहित सभी क्षेत्रों के तेलुगु लोगों को राज्य के बंटवारे के कारण काफी मुश्किलों और कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा और उन्हें सिर्फ तेलुगु लोगों की चिंता है।

 

उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस के साथ 1962 से चले आ रहे पारिवारिक रिश्ते का जिक्र करते हुये कहा कि पार्टी छोडने का निर्णय आसान नहीं था क्योंकि इसी पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री का पद दिया था। लेकिन तेलुगु लोगों के खिलाफ उनकी भागीदारी के बगैर कांग्रेस आलाकमान द्वारा लिए गए निर्णय ने उन्हें इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया। रेड्डी ने कहा कि बंटवारे से प्रभावित होने वाले इलाकों के सांसदों को विधेयक पढऩे का समय भी नहीं दिया गया और राज्य के बंटवारे का फैसला इस क्षेत्र के लोगों को नजरअंदाज करके किया गया।

 

उन्होंने कहा कि वह तेलंगाना क्षेत्र के लोगों के खिलाफ नहीं है लेकिन वह राज्य के बंटवारे के खिलाफ हैं क्योंकि इससे दोनों को नुकसान होगा। इससे क्षेत्र का विकास प्रभावित होगा और बिजली, सिंचाई, शिक्षा, रोजगार और अन्य क्षेत्रों में आए दिन नए झगड़े होंगे। इस संवाददाता सम्मेलन में उनके साथ आठ मंत्री पी सत्यनारायण, एस  सैलजानाथ, एम महीधार रेड्डी, टी जी वेंकटेश, के वेंकट कृष्ण रेड्डी, ई प्रताप रेड्डी, के पार्थसारथी और जी श्रीनिवास राव मौजूद थे।


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