बच्चे गोद ले सकते हैं मुस्लिम: सुप्रीम कोर्ट

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Wednesday, February 19, 2014-1:57 PM

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम बच्चे गोद ले सकते हैं। कानून पर्सनल लॉ से बढ़कर है। शबनम हाशमी की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दिया है। बच्चे गोद लेने को पर्सनल लॉ में अवैध बताया गया है।

कानून के जानकारों के मुताबिक इस फैसले का मतलब यह है कि मुसलमान चाहें तो गैर-हिंदू बच्चे को भी गोद ले सकते हैं। चीफ जस्टिस पी सताशिवम की अध्यक्षता वाली बेंच ने बाल न्याय अधिनियम के तहत आदेश दिया है कि यह कानून हर धर्म के लोगों पर लागू होगा और उन्हें  अपने पर्सनल लॉ के मानयताओं से घबराने की जरूरत नहीं है।

अदालत ने सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी की याचिका पर यह आदेश दिया जिन्होंने अदालत से गुहार लगाई थी कि तमाम धार्मिक समुदायों के लिए गोद लेने को लेकर वे एक दिशानिर्देश जारी करें।


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