‘विद्युत बिल मुद्दे पर कोई निर्णय न लें उपराज्यपाल’

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Wednesday, February 19, 2014-3:59 PM

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने उपराज्यपाल नजीब जंग से बुधवार को कहा कि  24,036 उपभोक्ताओं के बकाया विद्युत बिलों पर 50 फीसदी छूट देने की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की घोषणा पर आगे कोई निर्णय न लिया जाए। आप के बिजली सत्याग्रह के दौरान उपभोक्ताओं को बकाए बिल के भुगतान से रोका गया था। दिल्ली उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी.डी.अहमद और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार को यह पता लगाने के निर्देश दिए हैं कि कहीं बिजली के लंबित मामलों में छूट के संदर्भ में मंत्रिमंडल ने कोई फैसला तो नहीं लिया है।

 

न्यायालय ने कहा, ‘‘सरकार ने एक हलफनामा दायर किया है। हमें लगता है कि इस संदर्भ में मंत्रिमंडल की कोई बैठक नहीं हुई है। लेकिन इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं है। यह पता लगाएं कि कहीं मंत्रिमंडल ने कोई फैसला तो नहीं लिया है।’’ न्यायालय इस मामले की सुनवाई 21 फरवरी को करेगा। न्यायालय ने उपराज्यपाल से विद्युत बिल में छूट के मामले में आगे कोई निर्णय न लेने की भी मांग की है। पीठ वकील विवेक नारायण शर्मा द्वारा दायर जनहित याचिका के जवाब में सुनवाई कर रही थी।

 

याचिका में दिल्ली सरकार के उस फैसले को अमान्य करने की मांग की गई है, जिसके तहत पिछले साल 2,508 उपभोक्ताओं के खिलाफ दर्ज किए गए बिजली चोरी के मामले बंद कर दिए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि सरकार की इस तरह की कार्रवाई आपराधिक या आतंकवादी गतिविधियों और कानून या संविधान के खिलाफ किए गए काम को बढ़ावा देने जैसी है।


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