ट्रांसफर प्वाइंट पर पैरेंट्स के बीच मतभेद

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Thursday, February 20, 2014-2:39 PM

नई दिल्ली :  नई गाइडलाइन से एडमिशन की राह देख रहे हजारों कैंडिडेट्स को ट्रांसफर प्वाइंट ने दहशत में ला दिया है। भले ही पैरेंट्स का ट्रांसफर नोएडा से हुआ हो लेकिन वे एडमिशन के नजदीक पहुंच गए हैं। ट्रांसफर के पांच प्वाइंट ने सारा खेल बिगाड़ दिया है। इसके बाद स्कूलों के नजदीक रहने वाले कैंडिडेट गुस्से में हैं। कई पैरेंट्स ने विरोध प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया है। जबकि पैरेंट्स के कुछ समूहों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है।

नर्सरी एडमिशन एक्सपर्ट सुमित वोहरा का कहना है कि शिक्षा विभाग को कुछ न कुछ व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पैरेंट्स का दवाब बढ़ रहा है और सरकार को उसका ख्याल रखना चाहिए। दरअसल, ज्यादातर स्कूलों का कहना है कि 75 प्वाइंट हासिल करने वाले कैंडिडेट की संख्या, सीट से अधिक है। ऐसे में 70 प्वाइंट हासिल करने वाले पैरेंट्स को ड्रा में भाग लेने का मौका भी नहीं दिया जा रहा है। सबसे अधिक गुस्सा उन पैरेंट्स के भीतर है, जो स्कूल से एक, दो या तीन किलोमीटर के दायरे में रहते हैं। लेकिन आठ किलोमीटर के नियम के कारण उन्हें स्कूल से नजदीक होने का कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। कई पैरेंट्स पिछले साल से ही एडमिशन की राह देख रहे हैं, बच्चे की उम्र भी बढ़ गई है लेकिन उन्हें अब तक एडमिशन की उम्मीद नहीं दिख रहा है। सुमित कहते हैं कि पैरेंट्स अब इसी उम्मीद में हैं कि सरकार ट्रांसफर प्वाइंट पर कोई व्यवस्था करे ताकि 70 प्वाइंट वाले पैरेंट्स को भी ड्रा में मौका मिल सके। 


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