कर वसूलने के लिए टोल प्लाजा की चार लेन नहीं बल्कि सभी 16 लेन चाहिए : नगर निगम

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Thursday, February 20, 2014-10:29 PM
नई दिल्ली :  दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने बृहस्पतिवार दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि उन्हें कर वसूलने के लिए टोल प्लाजा की चार लेन नहीं बल्कि सभी 16 लेन चाहिए। इसलिए टोल प्लाजा को वहां से नहीं हटाया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने नगर निगम को इस संबंध में कोई भी अंतरिम राहत देने से इन्कार कर दिया है। हालांकि, अदालत ने निगम की याचिका को विचार के लिए अपने पास लंबित रख लिया है।
 
 दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने हाईकोर्ट के समक्ष दायर अपनी याचिका के माध्यम से कहा कि ट्रक व टैकर की पहचान करके उनको टोल टैक्स के लिए रोका जा सकता है परतु छोटे वाहनों को वह कैसे रोक पाएंगे। इसलिए उसे टोल टैक्स वसूलने के लिए चार की बजाए सभी 16 लेन दी जाएं।
 
जबकि एनएचएआइ ने कहा कि यह संभव नहीं है। लोगों को जाम से बचाने के लिए यह टोल प्लाजा हटाया जा रहा है। ऐसे में नगर निगम को इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। हालांकि एनएचएआइ ने कहा है कि वह टैक्स वसूलने के तरीके पर विचार करना चाहती है। अदालत ने निगम को कहा है कि वह अपना टैक्स वसूलना शुरू कर दे।
 
उल्लेखनीय है कि बुधवार को ही हाईकोर्ट ने इस मामले में टोल प्लाजा को हटाने की सहमति दी थी और दिल्ली -गुडग़ांव सुपर कनेक्टिविटी लिमिटेड (डीजीएससीएल), नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट फायनेंस कंपनी (आइडीएफसी) के बीच हुए समझौते को स्वीकार कर लिया था। जिसके तहत एक्सप्रेस-वे से टोल हटाने का फैसला लिया गया है। निर्णय के बाद एनएचएआइ ने बृहस्पतिवार से प्लाजा को टोल फ्री भी कर दिया है। 
 

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