हैदराबाद राज्य से तेलंगाना तक का सफर

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Thursday, February 20, 2014-11:46 PM

हैदराबाद: राज्यसभा ने गुरुवार को जिस क्षेत्र को पृथक राज्य के रूप में गठन के लिए मंजूरी दी है वह आजादी से पहले हैदराबाद राज्य के नाम से निजाम शासित था। हैदराबाद से तेलंगाना बनने के बीच कुछ प्रमुख घटनाएं।

1948 : भारतीय सेना ने निजाम शासित हैदराबाद स्टेट पर कार्रवाई की।

1950 : एम. ए. वेल्लोडी हैदराबाद राज्य के मुख्यमंत्री बने।

1952 : हैदराबाद राज्य में पहला चुनाव संपन्न

1 नवंबर 1956 : आंध्र प्रदेश गठित करने के लिए तत्कालीन मद्रास राज्य से पृथक आंध्र राज्य में तेलंगाना का विलय।

1969 : तेलंगाना राज्य के गठन के लिए ‘जय तेलंगाना’ आंदोलन शुरू। पुलिस फायरिंग में 300 से ज्यादा लोगों की जान गई।

2001 : तेलंगाना आंदोलन को गति देने के लिए के. चंद्रशेखर राव ने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) का गठन किया।

अक्टूबर 2009 : चंद्रशेखर राव ने आमरण अनशन शुरू किया।

9 दिसंबर : केंद्र ने तेलंगाना के गठन की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की।

23 दिसंबर : रायलसीमा एवं आंध्र क्षेत्रों में विरोध और सांसदों एवं विधेयकों के बड़े पैमाने पर इस्तीफे के कारण सरकार ने योजना खटाई में डाल दिया।

3 फरवरी 2010 : केंद्र ने पांच सदस्यीय श्रीकृष्ण समिति का गठन किया।

दिसंबर 2010 : श्रीकृष्ण समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, छह विकल्प सुझाए।

30 जुलाई 2013 : संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन समन्वय समिति और कांग्रेस कार्यसमिति ने तेलंगाना राज्य के गठन का समर्थन किया। सीमांध्र में प्रदर्शन शुरू।

3 अक्टूबर : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तेलंगाना के गठन संबंधी विधेयक को मंजूरी दी। राज्य बंटवारे के मुद्दे का समाधान करने के लिए मंत्रियों का समूह गठित।

6 दिसंबर : मंत्रिमंडल ने विधेयक राष्ट्रपति के पास भेजा।

11 दिसंबर : राष्ट्रपति ने राय जाहिर करने के लिए विधेयक आंध्र प्रदेश विधानसभा को अग्रसारित किया। राष्ट्रपति ने विधेयक 23 जनवरी तक लौटाने का समय दिया था। 12 दिसंबर को एक विशेष विमान से विधेयक आंध्र प्रदेश पहुंचाया गया।

30 जनवरी 2014 : विधानसभा अध्यक्ष ने घोषित किया कि विधेयक को खारिज करने संबंधी मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित किया गया।

7 फरवरी : विधानसभा के सुझावों को शामिल करते हुए विधेयक को मंत्रिमंडल ने संसद में पेश करने की मंजूरी दी।

13 फरवरी : हंगामा, मिर्ची स्प्रे के बीच तेलंगाना विधेयक लोकसभा में पेश, विपक्ष ने उठाए सवाल।

18 फरवरी : लोकसभा से विधेयक पारित।

20 फरवरी : राज्यसभा से विधेयक पारित।


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