गोयल का इंतजार नहीं किया बैठ गए कुर्सी पर

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Friday, February 21, 2014-1:31 AM
नई दिल्ली(धनंजय कुमार): दिल्ली भाजपा के नए अध्यक्ष डॉ.हर्षवर्धन इस कुर्सी पर बैठने से पहले भले ही ना-नुकर कर रहे थे लेकिन जैसे ही पार्टी आलाकमान ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी, इस कुर्सी पर बैठने की उत्सुकता को वह 24 घंटे भी नहीं दबा पाए और परंपरा को भुला पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल की अनुपस्थिति में ही इस कुर्सी पर जा बैठे। जिसे लेकर पार्टी में चर्चा गर्म हो गई।
 
पार्टी नेता व कार्यकत्र्ता यह बातें करते नजर आए कि कल तक प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने से मना करने वाले हर्षवर्धन को अचानक इस कुर्सी से कितना लगाव हो गया कि निर्धारित समय से एक दिन पहले ही इस कुर्सी पर आकर बैठ गए। यदि शुक्रवार तक का इंतजार कर लिया होता तो क्या चला जाता।  
 
इस बारे में पूछे जाने पर डॉ. हर्षवर्धन कहते हैं कि नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए लोकसभा चुनाव की बेहतर तैयारी के मद्देनजर पार्टी के हर नेता व कार्यकत्र्ता का एक-एक मिनट कीमती है। इसलिए हम समय का उपयोग करने यहां आए हैं। 
 
दरअसल, तत्कालीन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजय गोयल के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद पार्टी आलाकमान ने दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष की कुर्सी पर शांत एवं स्वच्छ छवि वाले नेता डॉ. हर्षवर्धन को बैठाने का फैसला किया। शुरूआत में तो हर्षवर्धन इस कुर्सी पर बैठने से मना करते रहे लेकिन बाद में उन्होंने बुधवार को हामी भरी।
 
इसी बीच विजय गोयल पूर्व निर्धारत कार्यक्रम के मुताबिक राजस्थान चले गए। बताया जाता है कि वीरवार को दिल्ली में नहीं होने की वजह से गोयल ने हर्षवर्धन से बात कर शुक्रवार को विधिवत रूप से जिम्मेदारी संभालने का प्रस्ताव रखा। 
 
लेकिन हर्षवर्धन नहीं माने और वीरवार को ही प्रदेश कार्यालय पहुंचकर न सिर्फ अभिवादन स्वीकार किया बल्कि प्रदेश भाजपा की कुर्सी पर भी बैठ गए। जबकि अबतक चली आ रही परम्परा के अनुसार वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष नए प्रदेश अध्यक्ष को सम्मान पूर्वक ढंग से जिम्मेवारी सौंपता है।

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