'चाय वाला ही देश का उपायवाला बनेगा'

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Friday, February 21, 2014-5:00 PM

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने आज संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार पर आर्थिक मोर्चे पर हर तरह से विफल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार ने चाय के दाम में भी वृद्धि कर दीस इसलिए अब चाय वाले के रप में नरेन्द्र मोदी अगली बार सत्ता में आएंगे और देश की अर्थव्यवस्था का उद्धार करेंगें।

भारतीय जनता पार्टी के पीयूष गोयल ने आज राज्यसभा में अंतरिम बजट को पारित कराने के लिए विनियोग विधेयक, लेखानुदान, 2013-14 तथा वित्त विधेयक 2014-15 चर्चा की शुरआत करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में महंगायी इतनी बढी कि दूध, सब्जी के दाम ही नहीं बल्कि चाय के दाम भी बढ गए और लोगों को अच्छी तालीम भी नहीं मिल सकी। बिजली पानी की समस्या तो बढी ही, किसानों के लिए खाद की कीमतों में भी चौगुना वृद्धि हुई।

उन्होंने कहा कि पूंजी निवेशकों का भी भरोसा इस सरकार पर नहीं रहा, उद्योग के लिए परियोजनाएं भी लटक गयीं और आयकर अधिकारियों ने लोगों को परेशान भी किया। आधारभूत संरचनाओं का उत्पादन भी गिरा और पूरी अर्थव्यवस्था ऐसे मोड पर आ गयी जो 1991 में देश की अर्थव्यवस्था थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने 2004 में देश की मजबूत अर्थव्यवस्था को संप्रग सरकार को सौंपा था पर इस सरकार ने अर्थव्यवस्था को बिगाड़ कर देश को बुरी हालात में लाकर छोड दिया। उन्होंने कहा कि अब चायवाला ही उपायवाला बनेगा और इस तरह नरेंद्र मोदी ही इस देश के साथ न्याय कर सकते हैं।

कांग्रेस के रामचंद्र खुंटिया ने संप्रग सरकार के कार्यकाल में देश की प्रगति का दावा करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में विकास दर कम चल रहा है। यहां तक कि चीन में भी, पर हमारी सरकार ने बिना कर बढाए विकास दर चीन से भी अधिक कर लिया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि यह पार्टी राहुल गांधी का विरोध करने के लिए लोकप्रहरी विधेयक (व्हिशल ब्लोअर कानून) नहीं लाने दे रही है।

बसपा के नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि लेखानुदान में पेट्रोलियम की कीमतें कम करने का कोई उपाय नही है। उन्होंने एक रैंक एक पेंशन के लिए फंड और बढाने की मांग की। इसके अलावा मनरेगा की कार्य अवधि 100 दिन से बढाकर 365 दिन करने की भी मांग की। माकपा के पी राजीव ने कहा कि निर्भया फंड के लिए सरकार ने गत वर्ष एक हजार करोड रपए का प्रावधान किया था पर एक पैसा भी खर्च नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार केवल पांच लाख 10 हजार करोड रपए ही कर के रप में वसूल सकी जबकि पांच लाख 70 हजार करोड रपए का कर वसूल भी नहीं पायी ।जद(य) के एन के सिंह ने कहा कि सरकार ने बजट बनाया उनमें (कल्पना) का तत्व अधिक है, व्यावहारिकता का तत्व कम है। इसलिए उसने नयी सरकार पर अपनी समस्याएं छोड दी है। तृणमूल कांग्रेस के सुखेंद्रु राय ने कहा कि केन्द्र सरकार पश्चिम बंगाल को पैकेज नहीं दे पा रही है जबकि अपने चुनावी फायदे के लिए दूसरों को राहत दे रही है। उनकी नीतियां जन विरोधी हैं।


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