राजनीति दल शत्रु नहीं विरोधी हैं: सुषमा स्वराज

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Friday, February 21, 2014-6:03 PM

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने विभिन्न राजनीतिक दलों को आपसी सदभाव कायम रखने का सुझाव देते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र का मूल भाव यह है कि विभिन्न राजनीतिक दल एक दूसरे के विरोधी हैं लेकिन शत्रु नहीं हैं। स्वराज ने 15 वीं लोकसभा के आखिरी सत्र के अंतिम दिन कहा कि राजनीतिक दलों का विरोध व्यक्तिगत बैर के आधार पर नहीं बल्कि नीतियों एवं कार्यक्रमों के आधार पर होना चाहिए और आपसी विरोध के कारण व्यक्तिगत सदभाव में गिरावट नहीं होनी चाहिए।

सुषमा ने कहा कि उन्होंने हर संभव कोशिश की वह संसद की गरिमा के अनुरुप तथा दलगत राजनीति से परे होकर नेता प्रतिपक्ष की भूमिका को निभा सकें और इसके लिए उन्होंने हमेशा कोशिश की। उन्होंने कहा कि इसका भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी को है जिन्होंने हमेशा उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने सभी सदस्यों को विजयी भव के बजाय यशस्वीभव की शुभकामना देते हुए कहा कि हम आने वाले चुनाव लड़ेंगे और हमें जनता जो भूमिका देगी उसे हम सौहाद्र्रपूर्ण तरीके से निभाएंगे।


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