आत्महत्या के लिए उकसाने वाला पति सलाखों के पीछे

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Saturday, February 22, 2014-11:12 AM

मुंबई: अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के 12 साल पुराने मामले में कल्याण की सत्र अदालत ने एक व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए पांच साल की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार शनिवार वर्गडा की मार्च 2002 में ममता से शादी हुई थी और उसके बाद वे पड़ोसी ठाणे जिले में रह रहे थे।
    
लोक अभियोजक ज्योति लोहोकरे ने कहा कि ममता को वर्गडा और उसकी मां परेशान करते और पैसे की मांग करते, लेकिन निर्धन परिवार की होने के कारण वह उन दोनों की मांगें पूरी नहीं कर सकती थी।
   
उन्होंने बताया कि अक्तूबर 2002 में घर में आग लग जाने के कारण ममता 97 प्रतिशत तक जल गई थी और पास के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। ममता के पिता ने पुलिस में इस संबंध में एक मामला दर्ज कराते हुए दहेज हत्या और प्रताडऩा का आरोप लगाया था।
   
 लोक अभियोजक ने कहा कि पीड़ित का पति यह बताने में असफल रहा कि घर में आग कैसे लगी और उसने उसे बचाने का प्रयास क्यों नहीं किया। इस मामले में छह गवाहों को पेश किया गया।
    
अतिरिक्त न्यायाधीश ए जेड़ तेलगोटे ने वर्गडा को दहेज हत्या के आरोप से बरी कर दिया लेकिन क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में दोषी ठहराया और पांच साल की सजा सुनायी। अदालत ने उसकी मां को बरी कर दिया।


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