ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने खड़े किए हाथ

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Sunday, February 23, 2014-1:58 AM
नई दिल्ली(अशोक शर्मा): दिल्ली ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों ने मनमानी करने वालों पर लगाम लगाने और उनके ऑटो जब्त करने संबंधी आदेश पर अमल करने के मामले पर एक तरीके से हाथ खड़े कर दिए हैं। 
 
प्राप्त जानकारी के अनुसार गत 7 दिसम्बर को बुराड़ी में ऑटो चालकों की महासभा को सम्बोधित करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री केजरीवाल ने घोषणा की थी कि दिल्ली यातायात पुलिस द्वारा किसी भी ऑटो को अब जब्त नहीं किया जाएगा। यह सारे अधिकार दिल्ली सरकार के अधीन दिल्ली ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को दे दिए गए हैं।
 
उन्होंने घोषणा तो कर दी थी, लेकिन लिखित में कोई आदेश नहीं दिया था, इसलिए यह मामला अभी तक अधर में ही लटका हुआ है। यह भी पता चला है कि जब केजरीवाल ने इस बाबत अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की थी तो उस समय भी कुछ अधिकारियों ने स्टाफ की कमी की बात बताते हुए ऑटो जब्त करने की बात पर ऐतराज जताया था लेकिन सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
 
सूत्रों के अनुसार ऐसा करने पर अथॉरिटी की सचिव रंजना देशवाल का तबादला तक कर दिया गया। एक अन्य अधिकारी पर तबादला होने की तलवार लटक रही है। सूत्रों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट अथारिटी के पास कर्मचारियों का अभाव है। एनफोर्समैंट डिपार्टमैंट के पाल कुल 30 टीमें हैं। 
 
प्रत्येक टीम में 3 से 4 चालान करने वाले अधिकारी हैं। इनमें से एक टीम बुराड़ी अथॉरिटी और दूसरी कंट्रोल रूम में तैनात रहती है, जबकि दिल्ली यातायात पुलिस के पास हजारों कर्मचारी हैं, जो सड़कों पर तैनात रहते हैं। सभी अधिकार दिल्ली पुलिस से लेकर दिल्ली ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को देना संभव नहीं है। 

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