सेना ने ड्रेसकोड के संबंध में गलती मानी, पत्रकारों से माफी मांगी

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Sunday, February 23, 2014-11:15 AM

श्रीनगर: सेना की 15वीं कोर के जनरल आफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने ड्रेसकोड संबंधी निर्देश जारी करने के संबंध में सेना की गलती मानते हुए आज पत्रकारों से माफी मांगी। ल़े जनरल सिंह ने यहां पत्रकारों से कहा ,‘‘मैं व्यक्तिगत तौर पर फिरन मामले के लिए माफी मांगता हूं । यह जानबूझकर नहीं किया गया था ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘इस गलती के लिए कोई भी माफी काफी नहीं है लेकिन हम लोगों की भावनाओं से कोई खिलवाड़ करना नहीं चाहते थे ।’’कल जम्मू कश्मीर के बहुत से पत्रकारों ने रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी की इस बात का जोरदार विरोध दर्ज कराया था कि उन्होंने पत्रकारों से उस संवाददाता सम्मेलन में सुरक्षा कारणों से फिरन पहन कर नहीं आने को कहा था जिसे कोर के कमांडर संबोधित करने वाले थे।
 
रक्षा मंत्रालय के जन संपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल एन एन जोशी ने स्थानीय पत्रकारों को भेजे एक ईमेल निमंत्रण में कल कहा था ,‘‘आप सब यह बात जानते हैं कि सुरक्षा आवश्यकताएं क्या हैं । फिर भी यह दोहराया जाता है कि आप :संवाददाता सम्मेलन में : फिरन पहनकर नहीं आएं ।’’इसका विरोध करते हुए पत्रकारों ने जनसंपर्क अधिकारी से यह परामर्श वापस लेने को कहा था और कहा था कि ऐसा नहीं करने पर वे इस सम्मेलन का संवाद संकलन नहीं करेंगे ।
 
उन्होंने कहा था ,‘‘आपने संवाददाता सम्मेलन का संवाद संकलन करने वाले पत्रकारों से कहा है कि वे सुरक्षा कारणों से फिरन पहनकर नहीं आएं। हम यह समझ पाने में असमर्थ हैं कि कश्मीर के निवासियों के इस पारंपरिक परिधान से ,जो कि यहां की संस्कृति की पहचान का अभिन्न हिस्सा भी है , किसी की सुरक्षा को क्या खतरा हो सकता है ।’’बाद में रक्षा प्रवक्ता ने इस परामर्श को वापस ले लिया ।
 
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस मामले पर कहा था कि सेना को इस परामर्श को वापस ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा था कि फिरन पर पाबंदी नहीं लगाई जा सकती क्योंकि यह कश्मीर की पहचान का हिस्सा है और लोग इसे बड़े गर्व से पहनते हैं।


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