फिर से बजरी पर लग सकती है रोक!

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Monday, February 24, 2014-10:39 AM

जयपुर: प्रदेश में अब एक बार फिर से बजरी पर रोक लग सकती है। इसका कारण पर्यावरण मंत्रालय की ओर से बजरी एल.ओ.आई. होल्डर्स को एन.ओ.सी. नहीं दिया जाना है। एन.ओ.सी. देने का 28 फरवरी अंतिम दिन है। औपचारिकताएं ज्यादा होने से समय पर एन.ओ.सी. मिलना मुश्किल है।

उधर, बजरी ट्रक ऑप्रेटर्स वैल्फेयर सोसायटी के अध्यक्ष नवीन शर्मा ने बताया कि मामले को लेकर न्यायालय की शरण ली है। इस पर 24 फरवरी को सुनवाई होगी।  उन्होंने कहा कि प्रदेश के 82 एल.ओ.आई. बजरी होल्डर्स ने पर्यावरण मंत्रालय से एन.ओ.सी. मांगा है। गत वर्ष 25 नवंबर 2013 को भी न्यायालय ने यह कहते हुए बजरी पर से रोक हटाई थी कि 28 फरवरी तक सभी एल.ओ.आई. को मंत्रालय से एन.ओ.सी. मिल जानी चाहिए।

एक बार रोक लग गई, तो चुनाव आचार संहिता के कारण यह मामला अटक सकता है। बजरी के अभाव में प्रदेशभर में चल रहे सरकारी और गैर सरकारी प्रोजैक्ट फिर से अटक सकते हैं। राज्य सरकार ने 7 फरवरी को अधिसूचना जारी करके 1200 क्यूबिक फुट से अधिक मात्रा में बजरी का स्टॉक करने और बेचने वाले विक्रेताओं के लिए 15 दिन में लाइसैंस लेना अनिवार्य किया था। लाइसैंस के लिए आवेदन की अवधि शनिवार को पूरी हो गई है।

इस दौरान जिले में नगर निगम क्षेत्र के बजरी विक्रेताओं में से सिर्फ 17 लोगों ने ही डी.एस.ओ. (शहर) कार्यालय से लाइसैंस के लिए आवेदन पत्र लिए थे लेकिन दिल्ली रोड स्थित एक विक्रेता ने लाइसैंस के लिए आवेदन जमा करवाया है। डी.एस.ओ. शहर पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि अधिसूचना के बाद विक्रेताओं को लाइसैंस प्राप्त करने के लिए दी गई छूट खत्म हो गई है। अब नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दोषियों पर जुर्माना लगाने के साथ ही 3 साल तक की सजा और अवैध माल जब्त किया जा सकता है। 


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