दिल्‍ली में राष्‍ट्रपति शासन पर केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

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Monday, February 24, 2014-4:36 PM

नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली विधानसभा को भंग न करने के फैसले के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा दायर याचिका पर सोमवार को केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है। राज्य की तत्कालीन अरविंद केजरीवाल सरकार ने विधानसभा भंग करने की सिफारिश की थी।

आप ने अपनी याचिका में दिल्ली में विधानसभा को निलंबित रखते हुए राष्ट्रपति शासन की घोषणा करने और सदन को भंग न करने के कदम को चुनौती दी थी। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आर.एम.लोढ़ा की पीठ ने कहा कि संवैधानिक मामला होने की वजह से नोटिस भेजा जा रहा है।न्यायालय ने कहा कि यह राजनीतिक प्रतिस्पद्र्धा नहीं है, इसलिए राजनीतिक पार्टियों को नोटिस जारी नहीं किया जा रहा है।

राष्ट्रपति शासन को चुनौती देते हुए आप ने याचिका में कहा था कि दिल्ली में बतौर सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सरकार बनाने से इंकार कर दिया, लिहाजा विधानसभा को निलंबित रखने और भंग न करने का कोई औचित्य नहीं है। आप की तरफ से वरिष्ठ वकील फली एस.नरीमन ने पक्ष रखा। केंद्र को 10 दिन का समय देते हुए न्यायालय ने सुनवाई की तारीख सात मार्च तय की है।


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