विकास ही नहीं तो प्रचार कैसा: भाजपा

  • विकास ही नहीं तो प्रचार कैसा: भाजपा
You Are HereUttar Pradesh
Wednesday, February 26, 2014-12:47 PM

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब अखिलेश सरकार में काम ही नहीं हो रहा है तो सरकार प्रचार क्या करेगी। गुजरात सहित भाजपा शासित राज्यों ने विकास के  कीर्तिमान स्थापित किये हैं। पार्टी प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि झूठे विज्ञापनों और मंचो पर उपलब्धियां गिनाने से कुछ नहीं होता। विकास के लिए जाति और मजहब से ऊपर उठ काम करना पड़ता है।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गेहूं खरीद को सबसे अधिक खरीद बतारहे हैं जबकि सरकारी आंकडे ही बताते हैं कि गत वर्ष लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 30 प्रतिशत ही गेहूं की खरीद हो पायी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कन्नौज में किये गये दावों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हए पाठक ने कहा कि बार बार मुख्यमंत्री कहते हैं कि हम काम करते हैं प्रचार में पीछे है। जब प्रदेश में काम ही नहीं होगा तो सरकार प्रचार किस चीज का करेगी।

लैपटाप वितरण और बेरोजगारी भत्ता दिये जाने की उपलब्धियों का बखान करते हुए मुख्यमंत्री उसे अपनी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हैं पर वह यह नहीं बता पाते कि शैक्षिक सत्र के आधार पर चलने वाली इस योजना में नये पात्र  विद्यार्थियों, नौजवानों को कब लैपटाप मिलेगा। नये पंजीकृत बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता कैसे मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसानों के हितैषी होने का दावा करते नहीं थकती सरकार गन्ना किसानों के मुद्दे पर मिल मालिकों के पक्ष में खड़ी नजर आती है।

आखिर गन्ना किसानों के बकाये मूल्य का भुगतान क्यों नहीं हो पा रहा है। न्यायालय के हस्तक्षेप के बावजूद गन्ना किसानों का भुगतान नहीं हो रहा है। एक तो चीनी मिलें चलाने में देरी हुई और अब गन्ना देने के बावजूद भुगतान के संकट से जूझ रहा किसान लगातार गन्ना केन्द्र पर घटतौली का शिकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते प्रदेश में किसान आत्महत्या पर कर रहे हैं।

और सरकार के काबीना मंत्री शिवपाल सिंह कहते हैं प्रदेश में किसी किसान ने आत्महत्या नहीं की। पाठक ने सवाल किया लखमीपुर में गन्ना किसान द्वारा आत्महत्या के प्रकरण सहित राज्य के कई अन्य जिलों में भी किसानों ने कर्ज भुखमरी से तंग आकर आत्महत्या की। फिर काबीना मंत्री किन तथ्यों के आधार पर कह रहे हं कि राज्य में कहीं पर भी किसी किसान ने आत्महत्या नहीं की।

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!

Recommended For You