बुजुर्ग के साथ लूटपाट की घटना में दिल्ली पुलिस का ‘बैड वर्क’

  • बुजुर्ग के साथ लूटपाट की घटना में दिल्ली पुलिस का ‘बैड वर्क’
You Are HereNational
Wednesday, February 26, 2014-1:59 AM
नई दिल्ली(सतेन्द्र त्रिपाठी / कुमार गजेन्द्र): आयुक्त भीमसेन बस्सी की पुलिस किस तरह से लोगों की सुरक्षा और सेवा कर रही उसकी हकीकत न्यू उस्मानपुर इलाके की एक घटना से सामने आ गई।
 
लूटपाट का शिकार एक बुजुर्ग 18 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूलता रहा लेकिन 2 थानों की पुलिस डी.डी. एंट्री ही करती रही। पुलिस 18 दिनों में एक किलोमीटर की दूरी तय कर अस्पताल तक नहीं पहुंच पाई। घटना 6 फरवरी की है। 
 
न्यू उस्मानपुर इलाके में परिवार के साथ रहने वाले उमेश कुमार (60) 6 फरवरी की रात में काम से लौट रहे थे। इसी दौरान पुश्ते पर पैट्रोल पंप के पास कुछ बदमाशों ने उनको पकड़ लिया और लूटपाट के साथ उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद बदमाश उन्हें बेहोशी की हालत में छोड़कर फरार हो गए। 
 
बुजुर्ग को घायल अवस्था में पड़ा देख किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। यह कॉल न्यू उस्मानपुर पुलिस को दी गई। जिसकी डी.डी. एंट्री 22 बी है और मौके पर न्यू उस्मानपुर थाने के जांच अधिकारी एस.आई. इंद्रवीर सिंह पहुंचे थे लेकिन उन्होंने बताया कि घटना जहां हुई वह इलाका सीलमपुर थाने की जद में आता है। इसके बाद सीलमपुर थाने से जांच अधिकारी एस.आई. रिजवान मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक कैट्स की एंबुलैंस ने बुजुर्ग को जी.टी.बी. अस्पताल ले जाकर भर्ती करा दिया था। इसके बाद भी पुलिस उदासीन बनी रही। पुलिस ने बुजुर्ग के परिजनों को सूचित करने की जरूरत तक महसूस नहीं की।  
 

उधर बुजुर्ग 2 दिनों तक अपने घर नहीं पहुंचे तो उनकी चाची ने न्यू उस्मानपुर थाने में सूचना दी लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। हारकर महिला ने 8 फरवरी की रात पी.सी.आर. को कॉल कर दी। इसकी डी.डी. एंट्री 41 बी है।  

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!

Recommended For You