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सुब्रत रॉय को गिरफ्तार करो: सुप्रीम कोर्ट

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Thursday, February 27, 2014-6:45 AM

नई दिल्ली : सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय की परेशानी आज उस वक्त और बढ़ गयी जब निवेशकों को 20,000 करोड़ रपये नहीं लौटाने से जुड़े अवमानना के एक मामले में न्यायालय में पेश नहीं होने पर उच्चतम न्यायालय ने उनकी गिरफ्तारी का आदेश दे दिया। न्यायालय ने कहा कि ‘अदालत के हाथ बहुत लंबे होते हैं।’’ न्यायालय ने सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा निवेशकों को 20 हजार करोड़ रूपए नहीं लौटाने से संबंधित प्रकरण के सिलसिले में दायर अवमानना के मामले में उन्हें व्यक्तिगत रूप से तलब किया था।

न्यायमूर्ति के एस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जे एस खेहड़ की खंडपीठ ने सहारा के निजी तौर पर पेश नहीं होने पर नाराजगी जताई और उपस्थित नहीं होने के उनके इस आधार को खारिज कर दिया कि उन्हें अपनी 92 वर्षीय अस्वस्थ मां के पास रहना है। खचाखच भरे अदालत कक्ष में कार्यवाही की शुरूआत में पीठ ने कहा, ‘‘इस न्यायालय के हाथ बहुत लंबे हैं। कल ही हमने व्यक्तिगत रूप से पेशी से छूट देने का आपका अनुरोध अस्वीकार किया था। हम गैर जमानती वारंट जारी करेंगे। यह देश की सर्वोच्च अदालत है।’’

इस दौरान कंपनी के अनेक अधिकारी उपस्थित थे। बाद में शीर्ष अदालत ने आदेश में कहा, ‘‘हम कथित अवमाननाकर्ता सुब्रत राय सहारा की गिरफ्तारी के लिये गैर जमानती वारंट जारी करते हैं। उन्हें गिरफ्तार किया जाये और चार मार्च, 2014 को अपराह्न दो बजे न्यायालय में पेश किया जाये।’’ रॉय ने लखनउ स्थित सहारा अस्पताल का एक मेडिकल सर्टीफिकेट भी पेश किया जिसमें राय की मां की मेडिकल स्थिति का जिक्र करते हुये उन्हें इस समय ‘मानवीय और मेडिकल आधार’ पर अपनी मां के पास रहने की अनुमति देने की सिफारिश की गयी थी। बताया जाता है कि रॉय की मां मृत्युशैया पर हैं। उनकी सेहत के आधार पर की गयी रॉय की भावनात्मक अपील से अदालत सहमत नहीं हुई।

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