खुर्शीद, बेनी की राह पर शिवराज भी!

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Friday, February 28, 2014-3:55 PM

भोपाल: राष्ट्रीय राजनीति में बेतुके बयानों के कारण चर्चा में रहने वाले नेताओं की सूची में अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम भी जुड़ गया है। चौहान ने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की पूंछ और मूंछ के बाल से तुलना करते हुए अजीबो-गरीब बयान दे डाला है।

चौहान को राज्य की कमान संभाले लगभग एक दशक होने को आ रहा है और वे तीसरी मर्तबा मुख्यमंत्री बने हैं। राष्ट्रीय राजनीति में उनकी पहचान गंभीर और शालीन नेताओं में रही है, यही कारण है कि चौहान अपने ऊपर होने वाले व्यक्तिगत राजनीतिक हमलों का भी जवाब अपने ही अंदाज में देते रहे हैं। उन्होंने कभी विरोधियों पर भी उन्हीं की भाषा में जवाब देना उचित नहीं समझा।

राजनीति में आ रहे बदलाव से नेताओं में हल्की भाषा का इस्तेमाल कर चर्चाओं में बने रहने की होड़ सी मच गई है। केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने मोदी को नपुंसक कहकर राजनीतिक हल्कों में हलचल मचा दी थी। बाद में पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी को खुद सामने आकर इस बयान को नामंजूर करना पड़ा। इसी पार्टी के बेनी प्रसाद वर्मा तो विवादित बयानों के महारथी ही बन चुके है।

कांग्रेस के नेताओं के विवादित बयानों के बीच भाषा के संयम की वकालत करने वाली भाजपा के मुख्यमंत्री चौहान ने भी एक विवादित बयान दे डाला है। चौहान ने नीमच में नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में राहुल गांधी की तुलना करते हुए कहा कि कहां मूंछ का बाल और कहां पूंछ का बाल।

चौहान को जानने वाले भी उनके इस बयान को आसानी ने हजम नहीं कर पा रहे है। उनका मानना है कि चौहान कभी भी किसी पर व्यक्तिगत हमले करने पर ज्यादा भरोसा नहीं करते है, यह बात अलग है कि वे बोलने से ज्यादा करने पर भरोसा करते है। पार्टी के भीतर भी विरोधियों के खिलाफ वे कभी बोले नहीं मगर उन्हें किनारे लगाने में भी हिचक नहींं दिखाई।

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने चौहान के बयान पर सख्त एतराज जताते हुए कहा है कि चौहान को संयम बरतना चाहिए। हम जानते हैं कि चौहान कहां के बाल हैं, बेहतर होगा कि हमारे बताने से पहले वे खुद जाहिर कर दें। वहीं इस मसले पर भाजपा का कोई भी नेता अपनी राय जाहिर करने को तैयार नहीं है।

जनता दल यूनाईटेड की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गोविंद यादव ने चौहान के बयान को असंसदीय और अमानवीय करार देते हुए कहा है कि पूंछ जानवर के होती है और चौहान ने गांधी को पशु बताने की कोशिश की है। इस तरह के बयान किसी भी हालत में किसी को भी स्वीकार्य नहीं हो सकते।

वरिष्ठ पत्रकार शिव अनुराग पटैरिया का कहना है कि चौहान का बयान खुर्शीद की ही तरह है। वरिष्ठ नेताओं को भाषा का संयम बरतना चाहिए, अगर वे ही ऐसा करेंगे तो छोटे कार्यकर्ताओं से संयंमित भाषा की कैसे उम्मीद की जा सकती है। राहुल गांधी को लेकर मोदी की मौजूदगी में चौहान द्वारा की गई टिप्पणी के राजनीतिक गलियारे में कई अर्थ निकाले जा रहे है। माना यह भी जा रहा है कि कहीं चौहान ने मोदी को खुश करने के लिए तो ऐसा बयान नहीं दिया।

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