जस्टिस रोहिणी दिल्ली हाई कोर्ट की पहली महिला चीफ जस्टिस

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Saturday, March 01, 2014-7:54 PM

नई दिल्ली:जस्टिस जी. रोहिणी  दिल्ली हाई कोर्ट की पहली महिला चीफ जस्टिस बनेंगी। फिलहाल वे आंध्र हाईकोर्ट में न्यायाधीश हैं।  वे आंध प्रदेश ज्यूडिशियल एकेडमी की चेयरपर्सन हैं। वे कुछ समय हाईकोर्ट जुवेनाइल जस्टिस कमेटी में रह चुकी हैं। वे आंध्र प्रदेश स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी की प्रमुख भी रहीं। जस्टिस जी. रोहिणी ने अपने कार्यकाल के दौरान लड़कियों, कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और बार व बेंच के बीच बेहतर रिश्ते बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण काम किए। जज रहते उन्होंने कई अहम फैसले सुनाए।

जस्टिस जी. रोहिणी का जन्म विशाखापट्टनम में हुआ।  कॉलेज ऑफ लॉ, विशाखापट्टनम से एलएलबी प्रथम श्रेणी में पास की।  वे वकालत की ज्यादातर प्रैक्टिस आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट, एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल और सिविल कोर्ट्स में करती थीं। 12 जनवरी 1995 को जस्टिस रोहिणी को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में गवर्नमेंट प्लीडर नियुक्त किया गया। वे इस पद पर बेंच में पदोन्नत होने तक रहीं। कर्नाटक के बड़े नेता और खनन घोटाले के कारण चॢचत जी. जनार्दन रेड्डी की कंपनी को खदान लीज पर देने के सरकार के फैसले पर उन्होंने ही रोक लगाई थी। आंध्र के पूर्व नगरीय प्रशासन और शहरी विकास मंत्री एम. महीधर रेड्डी और पूर्व विधायक शाहजहां बाशा पर आय से अधिक संपत्ति  के आरापों के मामले की सुनवाई भी उन्हीं की कोर्ट में हुई थी।

 
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