एक-दो हार से कोई फर्क नहीं पड़ता : लवली

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Saturday, March 01, 2014-9:07 PM

नई दिल्ली: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि पार्टी को झटकों से उबारने के प्रयास किए जाएंगे और एक या दो बार हार से कोई फर्क नहीं पड़ता। लवली के इस बयान से यही समझा जा सकता है कि कांग्रेस संभवत: लोकसभा चुनाव से आगे भी देख रही है। उन्होंने हालांकि कहा कि कांग्रेस की विकल्प के रूप में आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार और शासन के लिए आदर्श नहीं है। उन्होंने कहा कि आप 49 दिन ही सरकार चला पाई और भाजपा तीनों नगर निगमों-दक्षिण, उत्तर और पूर्व में गड़बडिय़ां कर रही हैं।

कांग्रेस की दिल्ली इकाई के पहले सिख अध्यक्ष बने लवली ने कहा, ‘‘मैं सरकार विरोधी लहर से असहमत नहीं हूं, क्योंकि पिछले 15 साल से दिल्ली में कांग्रेस की सरकार होने से निश्चित रूप से सरकार विरोधी लहर रही है।’’ लवली ने प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पद के रूप में जयप्रकाश अग्रवाल का स्थान लिया है। पार्टी की हार के बाद अग्रवाल ने पद से इस्तीफा दे दिया था।

प्रदेश अध्यक्ष मानते हैं कि पार्टी अभी बेहद कठिन समय से गुजर रही है लेकिन उन्हें उम्मीद है कि यह वापसी करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘एक या दो बार हार से फर्क नहीं पड़ता।’’ आम चुनाव के लिए पार्टी की तैयारी पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी सात संसदीय क्षेत्र में चुनाव लड़ेंगे और कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों के बारे में जनता को बताएंगे और आप के 49 दिन की सरकार और भाजपा शासित नगर निगमों का खुलासा करेंगे।’’

भाजपा जहां सबसे लोकप्रिय पार्टी दिख रही है, वहीं आप विधानसभा की सफलता दोहरा सकती है, क्या उन्हें अभी भी कांग्रेस की सभी सातों सीटों पर कब्जा करने की उम्मीद है, उन्होंने कहा, ‘‘यह कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन अरविंद केजरीवाल और नरेंद्र मोदी को मीडिया ने बनाया है।’’ दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार में कई विभागों की जिम्मेदारी देख चुके लवली ने कहा कि आप सरकार को कांग्रेस का बाहर से समर्थन प्राप्त था, इसने मौके को गंवा दिया और अपनी जिम्मेदारी से भाग गई।

लवली ने कहा, ‘‘क्या आप सरकार ने बेहतर प्रदर्शन किया है और भाजपा नगर निगम में कैसा काम कर रही है? वे केंद्र में आने के बाद भी कुछ अलग नहीं करेंगे।’’ दिल्ली की त्रिशंकु विधानसभा बनने पर कांग्रेस ने आप को बाहर से समर्थन दिया था। इस पर पार्टी में मतभेद थे, लेकिन किस बात ने पार्टी को यह फैसला लेने के लिए मजबूर किया, लवली ने इसके जवाब में कहा,  ‘‘सभी मुद्दे पर सबकी राय अलग-अलग होती है।

कांग्रेस पार्टी में एक लोकतांत्रिक व्यवस्था है। जनता ने आप के घोषणापत्र को देखकर मतदान किया था, इसलिए हमने उनके वादे को पूरा करने के लिए अवसर दिया, लेकिन वे इसे पूरा करने में नाकाम रहे।’’ विधानसभा में जन लोकपाल विधेयक के पारित न हो पाने पर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अपना वादा निभाते हुए 49 दिन सत्ता में रहने के बाद इस्तीफा दे दिया था।

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