भूख, दर्द और आंसुओं का कोई मजहब नहीं होता: कुरैशी

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Sunday, March 02, 2014-12:39 AM

देहरादून: भूख, गरीबी, दु:ख-दर्द तथा आंसुओं का कोई मजहब नहीं होता, सभी धर्मों के कट्टरपंथी इस सच्चाई को नहीं समझते। आज मानवता को शर्मसार करने वाली गतिविधियों के खिलाफ जेहाद छेडऩे की आवश्यकता है। उत्तराखंड के राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी ने आज यह बात रोटरी इंटरनेशनल द्वारा देहरादून में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कही।

राज्यपाल ने कहा कि इंसान और इंसान के बीच की दीवारों को समाप्त करके एक नए समाज का निर्माण करने के लिए शोषण, गरीबी, भूख, अशिक्षा तथा असमानता जैसी सभी कमजोरियों के खिलाफ लोगों की मानसिकता बदलने के लिए अभियान चलाने का ऐलान आज के इस सम्मेलन में होना चाहिए। यदि यह ऐलान कामयाब हो गया तो पूरी इंसानियत सदियों तक रोटरी की एहसानमंद रहेगी।

राज्यपाल ने भारत पाकिस्तान के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों की बुनियाद रखने के लिए रोटेरियन्स से पहल करने की अपील करते हुए यह भी कहा कि दुनिया में अमन व शान्ति को नष्ट करके दहशतगर्दी फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ मानवतावादी शक्तियों का प्रयास ही सफल हो सकता है।

समारोह में सत्यनिष्ठा से मानवता की सेवा की भावना के उद्देश्य से गठित ‘रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3080’ सम्मेलन में भारत के हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड राज्यों, केन्द्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ सहित पाकिस्तान, युगांडा तथा रवांडा के रोटेरियन प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। समारोह के दौरान राज्यपाल द्वारा स्मारिका का विमोचन करने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हिमाचल प्रदेश के पंडित बुद्ध राम को भी सम्मानित किया गया।

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