नौजवान खोने पर नहीं, भैंसे खोने पर बनती है खबर: मोदी

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Sunday, March 02, 2014-8:14 PM

लखनऊ: 16वीं लोकसभा की लड़ाई शुरू हो चुकी है और सभी राजनीतिक दलों ने इस लड़ाई में फतेह पाने के लिए अपनी कमर कस ली है क्योंकि एक छोटी-सी भूल बड़ा तख्ता पलट सकती है। हर दल 272 के आकड़े को पार करने की जद्दोजहद कर रहा है। बीजेपी ने भी मिशन 272 शुरू किया है और इस मिशन को पार करने के लिए बीजेपी की तरफ से नरेंद्र मोदी लड़ रहे हैं। मोदी ने आज लखनऊ में ‘विजय शंखनाद रैली’ को संबोधित किया। मोदी के साथ मंच पर राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। वहीं जब मोदी मंच पर पहुंचे तो वहां उपस्थित लोगों ने हर-हर मोदी, घर-घर मोदी के नारे लगाए। रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा-

किसानों के साथ हूं
मोदी ने रैली में कहा कि बारिश, ओलो से सिर्फ किसानों का ही नहीं पूरे देश का नुकसान हुआ है। वे किसान अकेले नहीं हैं मैं उनके साथ हूं।

दिल्ली का रास्ता लखनऊ से गुजरता है
मोदी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेया को लखनऊ के लोगों से काफी स्नेह मिला है और अटल जी हमेशा ही कहा करते थे कि दिल्ली का रास्ता लखनऊ से गुजरता है। उसी से प्ररेणा लेकर मैं इस धरती पर कहना चाहता हूं, अमीर यूपी का सपना तभी पूरा होगा, जब देश बदलेगा तभी देश शक्तिशाली बनेगा।


गुजरात की आलोचना करने से पहले यूपी का हिसाब दो

मोदी ने कहा कि गुजरात के विकास पर सवाल उठाने वाले और उसकी आलोचना करने वाले पहले अपने राज्य में किए विकास का हिसाब दें। यूपी में तो बिजली पर भी रिजर्वेशन है, अखिलेश सरकार में अब तक 150 दंगे हुए जबकि गुजरात में सबके लिए 24 घंटे बिजली आती है और बीते 10 साल में एक भी दंगा नहीं हुआ और न ही कोई कर्फ्यू लगा। यूपी में प्रति वक्ति आए 36 हज़ार है तो गुजरात में 75 हज़ार, यह गुजरात का मॉडल है। मुलायम पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि गुजरात में हज का कोटा है 4800 और अर्जी आती है 38 हजार। यूपी में कोटा है 32000 और अर्जी आती है 35 हज़ार, यानी मुसलमान यहां गरीब है आपने मुसलमानों का एक वोट का टुकड़ा समझ रखा है।


'सबका' विनाश तय है
मोदी ने कहा कि  सबका विनाश तय है। सबका मतलब स यानी सपा, ब यानी बसपा, का यानी कांग्रेस।

किसी का पंजा नहीं पड़ने दूंगा

मोदी ने कहा कि मैं दिल्ली में चौकीदार बनकर बैठूंगा। देश के खजाने पर किसी का पंजा नहीं पड़ने दूंगा। चाहे कोई हाथी पर सवार होकर आए या साइकल पर किसी का पंजा नहीं पड़ने दूंगा।


शायरी करने से नहीं चूके मोदी

जो लोग हमें ललकारते हैं, उन्हें मेरी ललकार है... ’’आंधियों की जिद है जहां बिजली गिराने की, मुझमें भी जिद है वहीं आशियां बनाने की।’’
-हौंसले बुलंद हों तो परिस्थितियां भी अवसर में बदल जाती हैं।



विपक्षियों का ‘सेक्युलरिज्म’, सिर्फ वोटबैंक साधने का जरिया

मोदी ने समाजवादी पार्टी (सपा) समेत विभिन्न दलों की ‘धर्मनिरपेक्षता’ पर सवाल खड़ा करते हुए आज कहा कि ये दल धर्मनिरपेक्षता की आड़ में सिर्फ वोटबैंक की राजनीति साधतेे हैं जबकि भाजपा के लिए इसका मतलब लोगों को जोडऩा और विकास करना है। नवाबों के शहर लखनऊ में आयोजित ‘विजय शंखनाद महारैली’ में मोदी ने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस अपनी विफलताएं छुपाने के लिए धर्मनिरपेक्षता का नकाब पहनकर देश को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। उनसे जब रोजगार, शिक्षा की व्यवस्था करने और महंगाई कम करने की बात की जाती है तो वे इन मुद्दों को छोड़कर धर्मनिरपेक्षता को खतरे में होने की बातें करने लगते हैं।

 

मोदी ने रैली में कहा कि यूपी सरकार के लिए सेकुलरिज्म केवल चुनावी का नारा है, हमारे लिए यह देश जोड़ने का सवाल है। हमारे लिए सेकुलर इंडिया फर्स्ट है हमारा सेकुलरिज्म जोड़ो और विकास करो। यहां नौजवान खो जाता है लेकिन वह खबर नहीं बनती लेकिन भैंस खबर बन गई। अपनी नाकामियां, विफलताएं छिपाने के लिए ये राजनीतिक दल सेक्युलरिज्म का ढिंढोरा पीटते हैं। जो लोग सेक्युलरिज्म की चर्चा करते हैं, मैं कहना चाहता हूं कि उनका सेक्युलरिज्म वोट बैंक की राजनीति है।


 मुलायम पर साधा निशाना

मुलायम सिंह यादव पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने अपनी पराजय स्वीकार कर ली है। नेता जी ने अपने भाषणों में अब विकास का जिक्र करने लगे हैं।


बीजेपी सुनामी में सब बह जाएंगे

मोदी ने रैली में कहा कि चारों तरफ केसरिया महासमुद्र नजर आ रहा है और चुनावी तिथि की घोषणा होते ही ये बीजेपी की आंधी सूनामी में बदल जाएगी। लखनऊ की अदब और तहजीब की प्रशंसा करते हुए कहा कि कहा जाता है कि 'मुस्कुराइए क्योंकि आप लखनऊ' में हैं। लखनऊ की अदब और तहजीब को नष्ट किया जा रहा है। मोदी ने लखनऊ के लोगों से अपील की वे अपनी संस्कृति बर्बाद न होने दें। उन्होंने कहा कि अगर आपको देश की तकदीर बदलनी है, तो इसकी शुरुआत निश्चित रूप से लखनऊ से होनी चाहिए।

कविता में सिमट आया देशभर का दर्द

सौगंध मुझे इस मिट्टी की,
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश का शीश नहीं झुकने दूंगा।
मेरी धरती मुझे पूछ रही, कब मेरा कर्ज चुकाओगे।
मेरा अंबर मुझसे पूछ रहा, कब अपना फर्ज निभाओगे।
मेरा वचन है भारत मां को, तेरा शीश नहीं झुकने दूंगा
सौगंध मुझे है मिट्टी की,
मैं देश नहीं लुटने दूंगा।

वो लूट रहे हैं सपनों को,
मैं चैन से कैसे सो जाऊं
वो बेच रहे हैं भारत को,
खामोश मैं कैसे हो जाऊं
हां मैंने कसम उठाई है,
मैं देश नहीं बिकने दूंगा।
सौगंध मुझे इस मिट्टी की,
मैं देश नहीं झुकने दूंगा।

वो जितने अंधेरे लाएंगे,
मैं उतने उजाले लाऊंगा
वो जितने अंधेरे लाएंगे,
मैं उतने उजाले लाऊंगा
वो जितनी रात बढ़ाएंगे,
मैं उतने सूरज उगाऊंगा
वो जितनी रात बढ़ाएंगे,
मैं उतने सूरज उगाऊंगा
इस दल फरेब की आंधी में
मैं दीप नहीं बुझने दूंगा।
 सौगंध मुझे मिट्टी की,
मैं देश नहीं झुकने दूंगा

वो चाहते हैं जागे न कोई,
बस रात का कारोबार चले
वो नशा बांटते जाएं और देश यूं ही बीमार चले।
पर जाग रहा है देश मेरा,
हर भारतवासी जागेगा।
मां और बहनों की अस्मत पर,
गिद्द नजर लगाए बैठे हैं
 इंसान हैं यहां डरा-डरा,
दिल में खौफ जगाए बैठे हैं।
मैं अपने देश की धरती पर
अब दर्द नहीं उठने दूंगा
 मैं देश नहीं रुकने दूंगा,
 मैं देश का शीश नहीं झुकने दूंगा।

अब घड़ी फैसले की आई है,
हमने कसम उठाई है
हमें फिर से दोहराना है और खुद को याद दिलाना है
न भटकूंगा न अटकूंगा,
कुछ भी हो इस बार देश नहीं मिटने दूंगा,
मैं देश नहीं मिटने दूंगा।

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