एम्स के बाहर ही बिक रही हैं बीमारियां

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Monday, March 03, 2014-12:59 AM
नई दिल्ली(रोहित राय): एशिया के सबसे बड़े अस्पताल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के बाहर तमाम तरह की बिमारियां पनप रही हैं। एम्स के प्रवेश द्वारा के बाहर ही खुले में तमाम तरह के व्यंजन बनाए जा रहे हैं और मरीजों को परोसे जा रहे हैं। 
 
यह हाल तब है जब नई दिल्ली नगर पालिका परिषद एम्स के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर स्थित पूड़ी छोले, छोले चावल और छोले भठूरे की दुकान का पिछले करीब 10 साल में चालीस से ज्यादा बार चालान काट चुका है। विभिन्न प्रकार की छोटी से छोटी और गंभीर से गंभीर बिमारियों का इलाज कराने आने वाले मरीजों को अस्पताल के बाहर खराब गुणवत्ता वाला खाना परोसा जा रहा है।
 
लापरवाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि केंद्र सरकार, अस्पताल प्रशासन और एनडीएमसी की नाक के नीचे खुले में बीमारियों को जन्म देने वाले व्यंजन मरीजों को दिए जा रहे हैं। दिल्ली नगर निगम अधिनियम के तहत किसी भी स्थान पर खुले में व्यंजन बनाना और उनकी बिक्री करने पर रोक है। ऐसा करने वाले रेहड़ी-पटरी दुकानदारों के खिलाफ समय-समय पर एमसीडी अभियान चलाकर उनका चालान करता है। लापरवाही का यह खेल खुलेआम अस्पताल के बाहर चल रहा है। 
 
एम्स के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर छोले-कुलचे और पूड़ी छोले की दुकान लगाने वाले दुकानदार राम नाथ से जब पूछा गया कि क्या उनके पास एमसीडी द्वारा दिया जाने वाला वैध लाइसेंस है तो उन्होंने गोल-मोल जवाब देते हुए बताया कि अभी दुकान को लेकर यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। राम नाथ के एक अन्य सहयोगी ने लाइसेंंस दिखाने के नाम पर सुप्रीम कोर्ट में दुकान चलाने की स्वीकृति से संबंधि दायर एक याचिका दिखाई और जल्द ही लाइसेंस मिल जाने की बात कही। 
 
इस मामले में एम्स के प्रवक्ता से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। उधर एनडीएमसी के प्रवक्ता ने अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर लगी दुकान और खुले में बन और बिक रहे खान-पान के व्यंजनों की जानकारी नहीं होने की बात कही और कहा कि वह जानकारी प्राप्त कर उचित कार्रवाई करेंगे। 
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