छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री ने ली आपात बैठक

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Tuesday, March 04, 2014-10:55 PM

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मंगलवार को यहां नया रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आपात बैठक लेकर राज्य में बेमौसम की बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों में किसानों और ग्रामीणों को राहत पहुंचाने के विभिन्न उपायों की समीक्षा की। उन्होंने समितियों के उपार्जन केंद्रों और संग्रहण केंद्रों में धान के सुरक्षित रखरखाव के संबंध में भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इस प्राकृतिक आपदा से किसानों की रबी फसल को हुए नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार हर कदम पर किसानों और ग्रामीणों के साथ है। प्रभावितों को हर संभव सहायता दी जाएगी।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत जिलों को दो सौ करोड़ रुपये का आवंटन जारी कर दिया गया है, ताकि आपदा प्रभावित किसानों को सर्वेक्षण के बाद राहत राशि का वितरण किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने रबी फसल को हुए नुकसान का सर्वेक्षण भी युद्ध स्तर पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। यह सर्वेक्षण पटवारियों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की संयुक्त टीमों के द्वारा करवाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में कलेक्टर, कृषि विभाग और खाद्य विभाग के अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और स्थिति की जानकारी लेकर राहत पहुंचाने के लिए जरूरी कदम उठाएं।

डॉ.रमन सिंह ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि प्रभावित किसानों को मौसम आधारित फसल बीमा योजना का भी लाभ दिलाया जाए। यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में राज्य के तेरह जिलों में वर्ष 2013-14 की रबी फसलों - गेहूं और चने के लिए लागू है। इन जिलों में रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, राजनांदगांव, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, कबीरधाम, बिलासपुर और मुंगेली शामिल हैं।

मौसम आधारित फसल बीमा योजना के लिए अधिसूचना राज्य सरकार के कृषि विभाग द्वारा 26 सितंबर 2013 को जारी की जा चुकी है। इस योजना में शामिल तेरह जिलों की सभी तहसीलों के किसानों को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा उन्हें राजस्व पुस्तक परिपत्र के अनुसार मुआवजा भी दिया जाएगा।

मौसम आधारित फसल बीमा योजना में सहकारी समितियों में पंजीकृत ऋणी किसानों को अनिवार्य रूप से इस योजना में शामिल किया गया है, जबकि गैर ऋणी किसानों के लिए यह ऐच्छिक है। राज्य सरकार ने फसल बीमा के लिए लगभग 26 करोड़ 88 लाख रुपये का प्रीमियम जमा कर दिया है।

मुख्य सचिव विवेक ढांड ने बैठक में बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन्होंने दो मार्च को मंत्रालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए सभी समस्त संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों की बैठक लेकर इस प्राकृतिक आपदा से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की और उन्हें राज्य सरकार के निर्देशों से अवगत करा दिया है।

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