15वीं लोकसभा: युवा सांसद रहे जोश में

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Wednesday, March 05, 2014-10:33 AM

नई दिल्ली: पन्द्रहवी लोकसभा सेशन के दौरान काम न हो पाने के कारण काफी बदनाम रही। इसमें सबसे कम काम हुआ और लगातार हंगामे के कारण ये ठप्प ही रही। वर्तमान सदन को जहां काम न करने के लिए जाना जाएगा। वहीं इससे पहले ये आरोप भी लगते रहे हैं कि हमारे जनप्रतिनिधि सदन में उचित समय नहीं देते और गैरहाजिर रहते हैं लेकिन कुछ नाम ऐसे हैं जिन्होंने इस सदन को गौरवान्वित भी किया।

15वीं लोकसभा के युवा चेहरे जयंत चौधरी, दीपेन्द्र सिंह हुड्डा, धर्मेंद्र यादव, सारिका सिंह बघेल, अनुराग ठाकुर और हमदुल्ला सईद भले ही अलग अलग राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करते हों लेकिन इन सभी में एक समानता यह देखी गयी कि इनकी हाजिरी का रिकार्ड बहुत अच्छा रहा। लोकसभा सचिवालय के आंकड़े बताते हैं कि राष्ट्रीय लोकदल की सारिका सिंह बघेल ने 15वीं लोकसभा के विभिन्न सत्रों में 90 फीसदी से अधिक हाजिरी दर्ज की और उन्होंने युवा पंक्ति के अपने सभी साथी सांसदों को पीछे  छोड़ दिया।

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पुत्र और राज्य की झालावाड, बारन सीट से भाजपा सदस्य दुष्यंत सिंह का हाजिरी का रिकार्ड 70 फीसदी रहा और उन्होंने 351 सवाल पूछे तथा 31 चर्चाओं में हिस्सेदारी की।

इसी प्रकार नेहरू गांधी परिवार के ही एक अन्य युवा सदस्य वरुण गांधी की उपस्थिति का रिकार्ड 63 फीसदी रहा। पीलीभीत से भाजपा सदस्य वरुण गांधी ने 641 सवाल पूछे और दो चर्चाओं में भाग लिया।

लोकसभा के सबसे कम उम्र के लक्ष्यद्वीप से कांग्रेस के सदस्य हमदुल्ला सईद की उपस्थिति 78 फीसदी रही और उन्होंने 36 बहस में हिस्सा लिया एवं 631 सवाल पूछे। उन्होंने दो निजी विधेयक भी पेश किए।

लोकसभा के हाई प्रोफाइल सदस्यों में मीनाक्षी नटराजन की उपस्थिति 84 फीसदी रही और उन्होंने 135 सवाल पूछे तथा 16 चर्चाओं में भागीदारी की। 90 फीसदी से अधिक उपस्थिति दर्ज करवाने वाले सांसदों में माकपा के एम.बी. राजेश का भी नाम शामिल है जिन्होंने 93 फीसदी हाजिरी दर्ज करवाई, 134 बहसों में हिस्सा लिया और 513 सवाल पूछे।

 पी.आर.एस. लेजिस्लेटिव रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय लोक दल के जयंत चौधरी की हाजिरी का प्रतिशत 83, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव का 72, दीपेंद्र हुड्डा का 81 फीसदी, मिङ्क्षलद मुरली देवड़ा का 88, बसपा के अशोक कुमार रावत का 86 फीसदी, कांग्रेस की श्रुति चौधरी का 81 फीसदी, भाजपा के अनुराग ठाकुर का 85 फीसदी और माकपा की सुष्मिता बाउरी का 94 रहा।

...लेकिन ये रहे खामोश
जहां दूसरे दलों के युवा नेताओं ने अपनी उपस्थिति का सदन में अहसास कराया वहीं कुछ बड़े नाम ऐसे भी थे जिन्होंने सदन में खामोशी का ही दामन थामे रखा। देश के प्रधानमंत्री पद के दावेदार कांग्रेस के राहुल गांधी भी इनमें शामिल हैं। उनका रिकार्ड मात्र 43 फीसदी हाजिरी का रहा और उन्होंने मात्र 2 बहस में हिस्सा लिया और कोई सवाल नहीं पूछा।

सदन का एक और प्रमुख चेहरा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव की उपस्थिति का रिकार्ड मात्र 22 फीसदी रही। उन्होंने न किसी बहस में हिस्सा लिया और न ही कोई सवाल पूछा और न ही कोई निजी विधेयक पेश किया।  डिंपल यादव अपने पति अखिलेश के उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद खाली हुई कन्नौज सीट से उपचुनाव के जरिए लोकसभा पहुंची थीं।

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