यूपी में भाजपा के दिग्गजों की राह नही है आसान...!

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Thursday, March 06, 2014-3:27 PM

लखनऊ: यूपी में इस बार छह चरणों में लोकसभा चुनाव होगा। देश की प्रधानमंत्री की कुर्सी पर पहुंचने का रास्ता उत्तर-प्रदेश से ही होकर जाता है। अगर इस रास्ते पर जो भी पार्टी भटक गई प्रधानमंत्री की कुर्सी पर पहुंचना उस पार्टी के लिए बिल्कुल भी आसान नही होगा। आप अपने आप से अनुमान लगा सकते हैं कि उत्तर-प्रदेश की सीटें कितनी महत्तपूर्ण हैं। बीजेपी के कई दिग्गजों की साख भी दांव पर लगी है और आस भी। बीजेपी की यूपी ईकाई के लिए सबसे मुस्किल यह है कि मोदी और राजनाथ के साथ-साथ पुराने दिग्गज मुरली मनोहर जोशी भी तलवार ताने हुए हैं।

इस कारण मुकाबला काफी रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। उत्तर-प्रदेश में कई दिग्गज अपने भाग्य का फैसला लेने में भी असहज हैं। क्योंकि आखिरी और निर्णायक फैसला पार्टी के आलाकमान राजनाथ और मोदी के हाथ में होगा। उधर वाराणसी में जोशी काफी समय से अपना दबदबा बनाए हुए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार वाराणसी सीट के लिए जो भी फैसला लिया जायेगा उनकी सहमती से ही लिया जाएगा। 8 मार्च को बीजेपी की केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक है। बैठक में यूपी की एक लिस्ट भी जारी होगी। लेकिन इस लिस्ट में सबकुछ ऐलान होने की स्थिति नही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगर सब कुछ सही चलता रहा तो राजनाथ सिंह लखनऊ से,सुल्तानपुर से वरुण गांधी, पीलीभीत से मेनका गांधी, कानपुर से कलराज मिश्र, झांसी से उमा भारती, को चुनाव लडऩा था लेकिन अगर जोशी को मोदी के लिए वाराणसी की सीट छोडऩी पड़ती है तो उन्हे कानपुर की सीट दी जा सकती है।


पश्चिमी यूपी में -

बागपत से मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर सत्यपाल सिंह, कैराना से हुकुम सिंह, मुजफ्फरनगर से संगीत सोम,विनय कटियार फैजाबाद से लडऩे के इच्छुक बताए जा रहे हैं। हाल ही में कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल होने वाले जगदंबिका पाल को लेकर सीटों की स्थिति स्पष्ट नही है। पाल को डुमरियागंज या सिद्दार्थ नगर इन दोनों सीटों में से कहीं से भी उतारा जा सकता है। बीएसपी से निकाले गए .हमीरपुर से सांसद विजय बहादुर सिंह को लेकर पार्टी उनको उतारने के पक्ष में नही है। सिंह को ताजे सर्वे के  मुताबिक स्थिति काफी नाजुक बतायी जा रही है। उत्तर-प्रदेश की नौ महारैलियों की सफलता के बाद मोदी के लिए अब चुनौती यह है कि सही सीट पर सही उम्मीदवारों का चयन करना। यहां की 80 सोकसभा सीटें मोदी को प्रधानमंत्री पद पर विराजमान कर सकती हैं।

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