भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए दंड प्रक्रिया तेज होनी चाहिए: चिदंबरम

  • भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए दंड प्रक्रिया तेज होनी चाहिए: चिदंबरम
You Are HereNational
Thursday, March 06, 2014-7:36 PM

नई दिल्ली: दोषी को दंडित करने में लंबा समय लगने पर न्यायपालिका की आलोचना करते हुए वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने आज कहा कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए देश में कानून प्रक्रिया तेज होनी चाहिए। चिदंबरम ने कहा, ‘‘न्यायधीश हर दिन सरकार को हिदायत देते रहते हैं, लेकिन मैं पूरी नम्रता के साथ कहूंगा कि भ्रष्ट को दंडित करने की पूरी जिम्मेदारी हमारी न्याय प्रणाली की है। हमारी न्यायप्रणाली ही है जो कि भ्रष्ट को दंडित करने में असफल रही है।’’ चिदंबरम ने आज यहां भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) की बैठक में कहा ‘‘भ्रष्टाचार से जुड़े मामले 20 से 30 साल तक चलते रहते हैं। आप सरकारी सेवक के खिलाफ अनुशासनात्मक कारवाई करते हैं  उसे दोषी साबित करने में 10 साल लगते हैं और आप उसे सुनाते हैं और अंतत: अपने आदेश को कुछ तकनीकी आधार पर दरकिनार कर दिया गया।’’

चिदंबरम ने कहा कि यह मानना भी गलत है कि केवल भारत में ही भ्रष्टाचार है। ‘‘दुनियाभर में भ्रष्टाचार है और भारत में भी भ्रष्टाचार है। भ्रष्टाचार लालच से बढता है। इसके लिये कानून बनाना ही काफी नहीं है - कानून को लागू भी किया जाना चाहिए, हमें भ्रष्ट को दंडित भी करना चाहिए।’’ वित्त मंत्री ने आगे कहा ‘‘आप भ्रष्टाचार पूरी तरह नहीं रोक सकते इसे नियंत्रित करने का सबसे बेहतर तरीका यही होगा कि जो रंगे हाथों पकड़ा जाता है उसे दंडित किया जाए। जो भी दोषी पाया जाता है उसे कड़ी सजा दी जाए।’’ चिदंबरम ने भ्रष्टाचार कम करने के लिए ज्यादा से ज्यादा तकनीक का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया।

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You