ब्लैक लिस्टेड कंपनियों से दवा खरीद की तैयारी

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Friday, March 07, 2014-2:05 AM
नई दिल्ली : पूर्वी दिल्ली नगर निगम जनता की जान से खिलवाड़ करने जा रहा है। जिन दवा कंपनियों को खुद निगम की ओर से ब्लैक लिस्टेड किया जा चुका है। एक बार फिर से निगम उन्हीं कंपनियों से दवाइयां खरीदने की योजना बना रहा है।
 
दोनों कंपनियों को उत्तरी दिल्ली नगर निगम खराब और महंगी दवाइयों की सप्लाई के कारण पिछले वर्ष 29 नवम्बर को डिबार कर चुका है। ई.एस.आई. ने भी अपनी वैबसाइट पर दोनों कंपनियों के ब्लैक लिस्ट होने की जानकारी दी हुई है। निगम अधिकारियों ने कंपनियों के बारे में पूरी जानकारी जुटाए बिना ही उनका टेंडर स्वीकार कर खोल भी लिए। 
 
बहरहाल, पूरे मामले में पूर्वी दिल्ली नगर निगम में नेता विपक्ष वरयाम कौर ने टेंडर रद्द कर, मामले की जांच सी.बी.आई. या                     एंटी करप्शन से कराने की मांग की है। 
 
पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने दवाइयां खरीदने के लिए टेंडर मंगाए थे। टेंडर से पूर्व सैंपल एकत्र करने के लिए निगम मुख्यालय पटपडग़ंज में सभी आवेदकों को बुलाया गया था लेकिन जगह कम पडऩे के बाद कुछ आवेदकों को स्वामी दयानंद अस्पताल में बुलाकर वहां सैंपल लिया गया। नेता विपक्ष का आरोप है कि निगम अधिकारियों ने मिलीभगत कर ब्लैक लिस्टेड कंपनियों के सैंपल अकेले में ले लिए। 
 
नेता विपक्ष का आरोप है कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम में कार्डियोलॉजी विभाग नहीं है लेकिन निगम की ओर से इस विभाग के लिए हर साल करोड़ों रुपए की दवाएं खरीदी जाती हैं। उन्होंने अधिकारियों पर दवाएं बेचने का आरोप लगाया। 
 
उन्होंने कहा कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम के एकमात्र स्वामी दयानंद अस्पताल में सप्ताह में एक बार कार्डियोलॉजी के डॉक्टर बैठते हैं, जिनके लिए लाखों-करोड़ों रुपए की दवाएं खरीदी जाती हैं। ऐसे में हर साल करोड़ों रुपए की दवाइयां खरीदने का क्या मतलब। 
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