महिलाओं को शिक्षा, विवाह के बारे में चुनने की आजादी होनी चाहिए: मोदी

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Saturday, March 08, 2014-8:16 PM

नई दिल्ली: भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि महिलाओं के साथ भेद-भाव की मूल जड़ में यह है कि हमारे अपने परिवार में ही लड़के और लड़की के बीच भेद-भाव वाला व्यवहार किया जाता है। महिलाओं को अपने करियर, शिक्षा, विवाह और परिवार आदि के बारे में चुनने की आजादी होनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यहां भाजपा मुख्यालय से इंटरनेट के जरिए देश भर में पार्टी द्वारा 1500 स्थानों से जुड़े ‘‘नमो के साथ चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम के तहत लोगों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्थान और उन्हें बराबरी देने के लिए हमें समाज के नजरिए को बदलना होगा।लोकसभा चुनावों में प्रचार के लिए भाजपा ‘‘नमो के साथ चाय चौपाल’’ कार्यक्रम चला रही है। आज इस कार्यक्रम का दूसरा दौर था।

कार्यक्रम में पुरूषों की संख्या अधिक होने पर उन्होंने कहा, मैं अपने सामने बहुत सारे पुरूषों को देख रहा हूं। मुझे उम्मीद थी कि कम से कम आज तो अधिक महिलाएं होंगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात से इंकार नहीं कर सकते कि राष्ट्र-निर्माण में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं को अपने करियर, शिक्षा, विवाह और परिवार आदि के बारे में चुनने की आजादी होनी चाहिए। महिलाओं केे साथ भेद-भाव सभी समस्याओं की जड़ है।’’

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