रक्षा मंत्रालय, CBI कंप्यूटरों की हो सकती है जासूसी

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Sunday, March 09, 2014-6:43 PM

नई दिल्ली: दिल्ली में रक्षा मंत्रालय, सुरक्षा एजेंसियों, सीबीआई और बैंकों के कंप्यूटरों समेत करीब 3,000 इंटरनेट कनेक्शन सीधे विदेशों से जासूसी के शिकार हो सकते हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा सरकार को सौंपी गई एक रिपोर्ट में यह आशंका जताई गई है।

इंडियन इन्फोसेक कंसोर्टियम ने कहा कि भले ही इन संस्थानों में कंप्यूटरों को हैक नहीं किया गया है, इनके मॉडम इतनी नाजुक हालत में हैं कि बाहरी व्यक्ति इनके जरिए सूचनाओं को प्राप्त कर सकता है और उनमें तांक झांक कर सकता है।

आईआईसी साइबर सुरक्षा विश्लेषक जितेन जैन ने प्रेट्र को बताया, ‘‘दिल्ली में करीब 3,000 इंटरनेट कनेक्शन जोखिम में हैं। इनमें रक्षा, सीबीआई, चुनाव अधिकारी सहित विभिन्न महत्वपूर्ण इकाइयों के कनेक्शन शामिल हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल को सौंपी गई है और उन्होंने इस दिशा में तुरंत कारवाई का वादा किया है।

 ‘‘इन संस्थानों के कंप्यूटरों में लगे इंटरनेट कनेक्शन का विदेश स्थित सर्वर से संपर्क किया जा सकता है। हमने दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल के साथ एक विस्तृत रिपोर्ट साझा की है... सिब्बल ने इस पर तुरंत कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।’’

संवेदनशील इंटरनेट कनेक्शन रखने वाले संस्थानों की सूची में साउथ ब्लाक स्थित रक्षा मंत्रालय, राष्ट्रपति भवन में कैबिनेट सचिवालय के उप सचिव, सी..विंग में नौसेना प्रमुख कार्यालय, वायु भवन में वायुसेना संचार केंद्र, दिल्ली छावनी में कंट्रोलर आफ डिफेंस एकाउंट्स और झंडेवाला स्थित आयकर निदेशालय (जांच) शामिल हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के कार्यालय के कुछ कनेक्शन भी जोखिमपूर्ण हैं।

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