होली मिलन तो बहाना है, मकसद तो मतदाताओं को रिझाना है

  • होली मिलन तो बहाना है, मकसद तो मतदाताओं को रिझाना है
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Sunday, March 09, 2014-11:13 PM
नई दिल्ली (सतेन्द्र त्रिपाठी): इस बार की होली पर धीरे-धीरे लोकसभा चुनाव का रंग चढऩे लगा है। होली मिलन के विभिन्न समारोह में नेताओं की पौ बारह हो गई है। हमेशा एक-दूसरे को गरियाने वाले नेता एक मंच पर गले मिलते दिखाई पड़ रहे हैं।
 
मौका लोकसभा चुनाव का है तो इसलिए कोई समारोह छूट न जाए, इसकी भी फ्रिक है। चुनाव न होता होता तो कोई समारोह छोड़ा भी जा सकता था। अब तो हालत यह है कि नेताजी इंतजार में है कि होली के कार्यक्रम का न्यौता मिले तो वह पहुंच जाए। वहीं आंचार संहिता लागू हो जाने के कारण चुनाव आयोग भी नेताओं की होली के रंग में भंग डालने को एकदम तैयार है। ऐसे समारोह पर चुनाव आयोग के अधिकारी नजर रख रहे हैं। 
 
पटपडग़ंज स्थित नेशनल विक्टर स्कूल में गीता जयंती समारोह समिति की ओर से होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर पूर्वी दिल्ली नगर निगम के महापौर राम नारायण दूबे, स्थायी समिति के अध्यक्ष संजय सुर्जन, कांगेसी पार्षद गुरचरण सिंह राजू सब एक ही मंच पर दिखाई दिए। यहां सबने एक-दूसरे को कोसने की बजाए फूलो से होली खेली।
 
समिति के अध्यक्ष राजकुमार भाटी ने बताया कि इस अवसर पर कांगे व नामीबिया दूतावास के अधिकारियों ने भी होली का आनंद लिया। कड़कडड़ूमा में हुए एक समारोह में कांग्रेसी विधायक मतीन अहमद होली के रंग में रंगे दिखाई दिए। कमला नगर में बैंग्लो रोड जवाहर नगर ट्रेडर्स एसोसिएशन के होली मिलन समारोह में भाजपा नेता बिजेन्द्र गुप्ता, आप पार्टी के विधायक अखिलेश त्रिपाठी व पूर्व कांग्रेसी विधायक करण सिंह एक ही मंच पर दिखाई दिए। 
 
एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद कंबोज व उपाध्यक्ष महेश शर्मा ने बताया कि वैसे तो हर साल ही होली में रौनक रहती है, लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव की वजह से रंगत बढ़ गई है। पहले तो एक-दो बार एक नेताजी ने गच्चा भी दिया, लेकिन इस बार तो जैसे वह हमारे न्यौते का ही इंतजार कर रहे थे। 
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