राजनीति में अहम मुकाम हासिल करते हैं इस सीट से लडऩे वाले

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Monday, March 10, 2014-12:20 PM

नई दिल्ली: दिल्ली की सर्वाधिक प्रतिष्ठित चांदनी चौक संसदीय सीट व्यापारी बहुल होने के बावजूद भी कांग्रेस ने सबसे ज्यादा बार इस सीट पर कब्जा किया। हालांकि बिजनेस कम्यूनिटी को भाजपा का पारंपरिक वोट बैंक माना जाता हैं। बतां दें कि अब तक हुए 14 चुनाव में पांच बार ही इस सीट से गैर कांग्रेसी सांसद निर्वाचित हुए हैं।

इस सीट से जीतने वाले सांसद अपने राजनीतिक करियर में काफी अहम मुकाम हासिल करते हैं। शायद यही कारण है कि पत्रकार से नेता बने आशुतोष ने अपने लिए चांदनी चौक संसदीय सीट का चुनाव किया।

यहां से जीते पहले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राधा रमन से लेकर सुभद्रा जोशी, सिकंदर बख्त, जेपी अग्रवाल, विजय गोयल और कपिल सिब्बल बड़े नाम राष्ट्रीय राजनीति में सामने आए हैं। इनमें से राधा रमन मुख्य कार्यकारी पार्षद रहे तो जेपी अग्रवाल कांग्रेस तथा विजय गोयल भाजपा का प्रदेश नेतृत्व संभाल चुके हैं। इस सीट पर मुस्लिम वोटर13 फीसदी हैं जबकि 14 फीसदी पंजाबी मतदाता हैं, इसके बावजूद भी बाजी हमेशा वैश्य या व्यापारी संगठन से जुड़ा उम्मीदवार ही मारता रहा है।

आमतौर पर वैश्य सीट भाजपा की मानी जाती है, लेकिन 1957 से संसदीय सीट बनी चांदनी चौक पर कांग्रेस का ही दबदबा रहा है। 14 चुनाव में कांग्रेस ने नौ बार सीट जीती। जनसंघ, जनता पार्टी और भाजपा भी अलग-अलग समय पर इस सीट पर जीत हासिल कर चुकी है।

देश में इमरजेंसी के बाद जब चुनाव हुआ तो चांदनी चौक सीट से जीत दर्ज करने वाले सिकंदर बख्त पहली बार में केन्द्रीय मंत्री बने। बाद में राज्यसभा में भाजपा ने उन्हें सांसद बनाया और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में विदेश मंत्री भी रहे।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई और फिर केरल के राज्यपाल भी रहे। दिल्ली की राजनीति में सक्रिय चांदनी चौक के पुराने सांसदों में जेपी अग्रवाल उत्तर पूर्वी दिल्ली से सांसद हैं और सबसे लंबे समय तक दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं।

विजय गोयल चांदनी चौक से दो बार जीते हैं। राज्यमंत्री रहे और प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे हैं। वर्तमान में राज्यसभा के सांसद हैं। वहीं इस सीट पर जीत हासिल करने वाले पहले पंजाबी कपिल सिब्बल हैं, जो अभी केन्द्रीय मंत्री हैं और कांग्रेस के नीति निर्धारण में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

पुरानी दिल्ली या चांदनी चौक के नाम से जाना जाने वाला शहर का यह हिस्सा राजनीति की दृष्टि से बेहद अहम है। यहां से राधा रमन, शामनाथ, आर गोपाल, सुभद्रा जोशी, सिकंदर बख्त, भीकूराम जैन, जेपी अग्रवाल(तीन बार), ताराचंद खंडेलवाल, विजय गोयल व कपिल सिब्बल सांसद रह चुके हैं।

इस बार भी इस सीट पर बेहद रोमांचकारी मुकाबला देखने को मिलने वाला है। दरअसल इस बार कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल की टक्कर आप नेता आशुतोष से है। वहीं भाजपा के टिकट पर किरण बेदी के चुनाव लडऩे की भी चर्चाएं चल रही हैं। जबकि चांदनी चौक का जातिगत समीकरण इस प्रकार है। ओबीसी 19, वैश्य 17, एससी 16, पंजाबी 14, मुस्लिम 13, ब्राह्मण 7, मध्य वर्ग 6, सिख 4, यादव, गुर्जर और जाट 4 प्रतिशत हैं।

इस लोकसभा सीट पर कुल 14,13,535 मतदाता हैं। इसमें 7,83,545 पु‌रुष, 6,29,990 महिला हैं। जिसमें 7,80,445 ने मतदान किया था। तब कांग्रेस के दिग्गज नेता कपिल सिब्बल को 4,65,713, दूसरे स्‍थान पर भाजपा के विजेन्द्र गुप्ता 2,65,003 वोट मिले थे। इसमें जीत का मार्जिन 2,00,710 वोट का था। इसमें पीतमपुरा, शकूरपुर, रामपुरा, जोरबाग, वजीरपुर, चन्द्रावल ग्रामीण क्षेत्र हैं। जहांगीरपुरी, शकूरपुर, वजीरपुर, लालबाग, हैदरपुर, मजनू का टीला जेजे कॉलोनी हैं। पॉश कॉलोनी व डीडीए फ्लैट वाले शालीमार बाग, पीतमपुरा, पश्चिम विहार, मॉडल टाउन, अशोक विहार, कमला नगर, सिविल लाइंस, रोहतगी अपार्टमेंट, राजनिवास मार्ग, अलीपुर रोड, पुलिस लाइंस, शक्ति नगर, लारेंस रोड, अशोक विहार फेस-1,2,3,3 हैं ।
 

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