परमाणु उर्जा कार्यक्रम लालच की नासमझ तलाश: भूषण

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Monday, March 10, 2014-10:35 PM

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के नेता प्रशांत भूषण ने परमाणु उर्जा कार्यक्रम को भारी निवेश के कारण ‘लालच की नासमझ तलाश’ करार देते हुए कहा है कि अगर सरकार परमाणु संयंत्र लगाना चाहती है तो उसे स्थानीय लोगों से विचार-विमर्श करने के बाद यह कदम उठाना चाहिए। भूषण ने आज आरोप लगाया कि भारत सरकार ने कुडनकुलम परमाणु उर्जा संयंत्र के लिए रूसी संयंत्रों को बुनियादी उत्तरदायित्तव से भी मुक्त कर दिया।

जापान की फुकुशिमा परमाणु त्रासदी की तीसरी बरसी पर ग्रीनपीस की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में भूषण ने कहा कि बिजली उत्पादन के संदर्भ में परमाणु उर्जा सबसे महंगे स्रोतों में से एक है और परियोजना की भारी कीमत को देखते हुए घूस की आशंका भी होती है।

आप नेता ने कहा, ‘‘जैतापुर में हर परमाणु संयंत्र पर दो लाख करोड़ रूपए का निवेश किया गया है। अगर दो लाख करोड़ रूपये के अनुबंध का पांच फीसदी घूस होता है तो यह 10,000 करोड़ रूपये बनता है। परमाणु उर्जा परियोजनाएं लालच की नासमझ तलाश हैं क्योंकि परमाणु संयंत्रों का आयात किया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप का रूख यह है कि परमाणु संयंत्र लगाने से पहले स्थानीय लोगों से विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। आप उन पर परमाणु संयंत्र थोप नहीं सकते। यही स्वराज का वास्तविक स्वरूप है।’’

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