चुनावी चक्कर: राहुल गांधी ने अपनाया कड़ा रुख

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Tuesday, March 11, 2014-10:10 AM

नई दिल्ली: आगामी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को 100 से भी कम सीटें मिलने की बात को महसूस करते हुए उपाध्यक्ष राहुल गांधी टिकट वितरण में कड़ा रुख अपना रहे हैं। राहुल गांधी किसी भी ‘दागी नेता’ को टिकट देने के खिलाफ हैं, जिन पर आरोप लगाए गए हैं यद्यपि उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल नहीं हो पाया। यह बात स्पष्ट है कि सुरेश कलमाड़ी, अशोक चव्हाण, सुबोधकांत सहाय और उन जैसे अन्य नेताओं को कांग्रेस का टिकट नहीं मिलेगा।

यहां तक कि कलमाड़ी की पत्नी को भी टिकट नहीं दिया गया। राहुल ने जीत की सम्भावना वाले प्रत्याशियों को ही टिकट देने का मन बना रखा है। राहुल को किसी व्यक्ति को दोषी कहने की जरूरत नहीं पड़ती, वह बस यह बात कहते हैं कि आंतरिक सर्वेक्षण में बताया गया है कि आप जीत नहीं सकते। न तो फिल्म स्टार नगमा, न ही क्रिकेटर अजहरुद्दीन को रांची से खड़ा किया जाएगा।

मनीष ने पवन बंसल पर निशाना साधा
सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने राहुल गांधी के आंंतरिक निर्देश को उस समय अपने ढंग से बताया जब उन्होंने कहा कि दागियों को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। मनीष चंडीगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लडऩा चाहते हैं, जहां से पवन बंसल मौजूदा सांसद हैं।

यद्यपि बंसल को सी.बी.आई. द्वारा क्लीन चिट दे दी गई है मगर तिवारी महसूस करते हैं कि बंसल अभी भी दोषी हैं। इसलिए उन्हें टिकट नहीं दिया जाए।

राहुल ने अभिजीत को जब झाड़ा
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के बेटे और लोकसभा सांसद अभिजीत मुखर्जी को हाल ही में राहुल गांधी के कामकाज करने के तरीके का स्वाद चखना पड़ा। गत दिवस अभिजीत ने राहुल से मुलाकात की मगर वह नहीं जानता था कि पार्टी के उपाध्यक्ष बातचीत करने में काफी सख्त रवैया अपनाए हुए हैं।

पश्चिम बंगाल के जंगीपुर के सांसद अभिजीत ने राहुल से कहा कि वह मौजूदा सांसद हैं तो उनको दोबारा टिकट मिल सकता है। राहुल ने उनकी पीठ थपथपाते हुए जवाब दिया ‘मौजूदा सांसदों को टिकट मिल जाए और जो खड़े हैं उनकी छुट्टी हो जाए यह कोई मानदंड नहीं’ इस बार टिकट उसी को मिलेगा जो चुनाव जीतने में सक्षम होगा।

झारखंड राष्ट्रपति शासन की ओर अग्रसर

झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा-कांग्रेस सरकार संकट में है। इसे 7 निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है और इनमें से 5 तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।

यद्यपि उन्होंने राज्यपाल को अभी समर्थन वापसी का पत्र नहीं दिया। यह पत्र उन्होंने तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी को सौंप दिया है। हेमंत सोरेन सरकार अब अल्पमत में है। तृणमूल कांग्रेस ने 3 निर्दलीय विधायकों चामरा, ङ्क्षलडा, बंधू, तिरके और पूर्व मुख्यमंत्री मधू कौड़ा की पत्नी गीता कौड़ा को कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ लोकसभा के टिकट दिए हैं। 41 सदस्यीय विधानसभा में झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस गठबंधन के अब 81 विधायक हैं। ऐसी खबरें हैं कि टिकट न मिलने के कारण सुबोध कांत सहाय तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।

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