मोहन भागवत की संघ को नसीहत, कहा-हमारा काम नमो-नमो करना नहीं

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Tuesday, March 11, 2014-4:35 PM

नई दिल्ली: संघ प्रमुख सर संघसंचालक मोहन भागवत ने रविवार को बेंगलुरू में हुए संघ के प्रतिनिधि सभा में अपना संदेश साफ कर दिया। स्वयंसेवकों को बेहद साफ लफ्जों में उन्होंने संदेश दे दिया। एक अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक मोहन भागवत ने कहा कि हम राजनीति में नहीं हैं। हमारा काम नमो-नमो करना नहीं है। हमें अपने लक्ष्य के लिए काम करना है। अखबार के मुताबिक भागवत ने स्वयंसेवकों से कहा कि बीजेपी के लिए काम करते वक्त स्वयंसेवकों को अपनी मर्यादा नहीं लांघनी चाहिए। बताया जाता है कि इस सभा में बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राजनाथ सिंह और रामलाल भी भागवत के साथ मौजूद थे।

यही नहीं, भागवत ने यहां तक कहा कि उन्हें किसी शख्सियत को ध्यान में रखकर अभियान चलाने से दूर रहना चाहिए। एक स्वयंसेवक ने जब भागवत को ये सलाह दी कि संघ और बीजेपी की भूमिका चाणक्य और चंद्रगुप्त की तरह होनी चाहिए तो भागवत का जवाब था कि हमारी अपनी मर्यादा है। हमें मर्यादा नहीं तोडऩी है।

भागवत ने स्‍वयंसेवकों से अपनी बात को और अधिक क्‍लीयर करने के लिए गीता के एक श्‍लोक का सहारा लिया। उन्‍होंने श्‍लोक 'सर्वेंद्रिय गुणा भासम, सर्वेंद्रिय विवर्जितम' के जरिए यह बताने की कोशिश की उसमें सब इंद्रियों, गुणों का आभास होता है लेकिन वास्तव में वह सब इंद्रियों से रहित है और तटस्थ रहकर काम करता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बीजेपी नेताओं ने पार्टी का मैनिफेस्‍टो बनाने के लिए आरएसएस से मदद मांगी है ताकि संभावित पार्टी विरोधी गतिविधियों पर लगाम लग सके।

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