एक ऐसी ‘उड़न तश्तरी’ जो 10 मिनट में भरेगी उड़ान

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Thursday, March 13, 2014-12:42 PM

देहरादून: ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के छात्रों ने एक खास किस्म का हैलीकॉप्टर बनाकर देश के विश्वविद्यालयों में दूसरा पुरस्कार जीत लिया। आई.आई.टी. कानपुर में आयोजित टैक्नीकल प्रतियोगिता ‘टैककृति’ में इस 6 पंखों वाले हैलीकॉप्टर (हैक्साकॉप्टर) पर ग्राफिक एरा की टीम ने यह प्रतिष्ठापूर्ण पुरस्कार हासिल किया। 

ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के कम्प्यूटर साइंस के तृतीय वर्ष के छात्रों आयुष कुमार दुआ और अक्षय भारद्वाज ने यह हैक्साकॉप्टर तैयार किया है। महज एक किलोग्राम 870 ग्राम वजन वाला यह हैक्साकॉप्टर देखने में उडऩ तश्तरी जैसा लगता है। अपने 6 पंखों की मदद से यह अपने वजन से करीब दोगुना वजन लेकर उड़ान भरता है। 

बैटरी की मदद से यह हैक्साकॉप्टर लगातार 10 मिनट की उड़ान भर सकता है। आयुष कुमार दुआ ने बताया कि आई.आई.टी. कानपुर में 3 दिन चली प्रतियोगिता में देशभर के 45 प्रमुख विश्वविद्यालयों और संस्थानों की टीमों से मुकाबले में इस हैक्साकॉप्टर का कामयाब प्रदर्शन किया गया। 

इस प्रदर्शन के दौरान हैक्साकॉप्टर के जरिए करीब 4.5 किलोग्राम वजन की पानी की बोतलें करीब 300 मीटर ऊंचाई तक उड़ाकर दूसरे स्थान पहुंचाई गईं। प्रतियोगिता में 3 बार इसका प्रदर्शन किया गया। रिमोट की मदद से चलने वाले इस हैक्साकॉप्टर को बनाने में 2 सदस्यों की इस टीम को डेढ़ महीने का समय लगा। 

आयुष ने बताया कि इस हैक्साकॉप्टर में लिथियम पॉलीमर 4 एस बैटरी का उपयोग किया गया है।  इससे ज्यादा क्षमता की बैटरी इस्तेमाल करके इस हैक्साकॉप्टर को आधे घंटे तक उड़ाया जा सकता है। आयुष और अक्षय ने इस सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल और यहां उपलब्ध तकनीकी प्रयोग करने की सुविधाओं को दिया है।

ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. कमल घनशाला ने आयुष और अक्षय की टीम को हैक्साकॉप्टर बनाने में मिली इस कामयाबी पर बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के अन्य विभागों में भी कई महत्वपूर्ण कार्य चल रहे हैं। नई खोज और अनुसंधान को प्रोत्साहन देने का नतीजा है कि विश्वविद्यालय के कई छात्र-छात्राओं ने बम डिटैक्टर समेत कई महत्वपूर्ण खोज की है। 

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