लोकसभा चुनाव: प्रत्याशियों को देनी होगी सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी

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Sunday, March 16, 2014-2:25 PM

रायपुर: लोकसभा चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों को सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी चुनाव आयोग को देनी होगी। सोशल मीडिया पर विज्ञापनों का व्यय अभ्यर्थी अथवा राजनीतिक दल के प्रचार व्यय में शामिल किया जाएगा। राज्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव प्रचार के लिए प्रयुक्त सोशल मीडिया पर भी आदर्श आचरण संहिता लागू होगी। चुनाव प्रचार से संबंधित कानूनी प्रावधान सोशल मीडिया पर भी उसी तरह लागू होंगे, जैसे किसी अन्य मीडिया के उपयोग पर लागू होते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव के दौरान सोशल मीडिया के उपयोग के संबंध में दिशा-निर्देश जारी

कर दिए हैं। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थियों को नाम निर्देशन दाखिल करते समय अपने ई-मेल आई-डी और सोशल मीडिया

अकाउंट की भी जानकारी निर्वाचन आयोग को देनी होगी और सोशल मीडिया पर विज्ञापनों का व्यय अभ्यर्थी अथवा राजनीतिक दल के

प्रचार व्यय में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल के संदर्भ में सभी राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और सभी राष्ट्रीय तथा राज्यीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के लिए जारी परिपत्र में कहा है कि निर्वाचन प्रचार के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल का विनियमन किया जाना जरूरी है।

आयोग ने कहा है कि निर्वाचन में पारदर्शिता और समान अवसर प्रदान किए जाने की अनिवार्यता सोशल मीडिया पर लागू होती है। आयोग

ने सोशल मीडिया को मोटे तौर पर पांच श्रेणियों में बांटा है, जिनमें सहयोग परक (जैसे विकीपीडिया), ब्लॉग एवं माइक्रोब्लॉग (जैसे ट्विटर), विषय वस्तु समुदाय (जैसे यू-ट्यूब), सोशल नेटवर्किंग साइट (जैसे फेसबुक) और वर्चुअल गेम वल्र्ड (जैसे वाट्सएप्प) हैं। प्रचार के सभी व्ययों में सोशल मीडिया के विज्ञापनों के व्यय भी शामिल होंगे।

अधिकारियों ने बताया कि इसमें विज्ञापनों के लिए इन्टरनेट कम्पनियों और वेबसाइटों को किए गए भुगतान के साथ-साथ विषय वस्तु के रचनात्मक विकास (उत्पादन एवं डिजाइनिंग) पर होने वाले प्रचालनात्मक व्यय, अभ्यर्थियों और राजनीतिक दलों द्वारा अपने सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइटों को बनाए रखने के लिए नियोजित कामगारों की टीम को दिए गए वेतन और मजदूरी पर प्रचालनात्मक व्यय आदि शामिल होंगे। आयोग ने परिपत्र में स्पष्ट किया है कि आदर्श आचार संहिता के सभी उपबंध और आयोग द्वारा समय-समय पर जारी अनुदेश अभ्यर्थियों और राजनीतिक दलों द्वारा सोशल मीडिया वेबसाइट सहित इन्टरनेट पर डाली जाने वाली विषय वस्तु पर भी लागू होंगे।

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