अंजान की बाइक पर बिठाया बेटे को, फिर ढूंढ़ते रहे

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Sunday, March 16, 2014-11:48 PM

नई दिल्ली (महेश चौहान):  अंजान को पैसा देना, प्रॉपर्टी देना, रखना या फिर अपने बेटे को उसके साथ भेजना आदि में कोई भी जल्दी ही विश्वास नहीं करता है लेकिन गीता कालोनी इलाके में ऐसा हुआ, जिसमें पुलिस पीड़ित ही नहीं अंजान भी घंटों परेशान घूमता रहा। आलम यह रहा कि करीब सवा 2 घंटे तक एक चुलबुली हिन्दी फिल्म हकीकत में सामने देखी गई।


हुआ ऐसा कि अनिल कुमार (30) अपने 4 बच्चों और पत्नी के साथ संता विहार मुकुंदपुर इलाके में रहते हैं। वह फैक्टरी में नौकरी करके घर का पालन पोषण करते हैं। शनिवार को वह अपनी मोटर साइकिल पर चारों बच्चों को बैठाकर अलीगढ़ जा रहे थे। उन्होंने बच्चों को बैग भी दे रखे थे।

गीता कालोनी इलाके से जब वह जा रहे थे तभी उनको देखकर एक अंजान व्यक्ति जो कि मोटर साइकिल पर अकेला बुलंदशहर घर जा रहा था। उसने अनिल को 4 बच्चों और वो भी उनके पास बैग देखकर रहा नहीं गया उसने अनिल को ओवरटेक करके रोक ही लिया।
अनिल से पूछने पर उसने कहा कि वह बुलंदशहर तक जा रहा है। अगर आपको तकलीफ हो रही है तो आप अपने एक बेटे को मेरे साथ बैठा सकते हैं। बुलंदशहर तक वह इतना कर सकता है। अनिल को अंजान की बात अच्छी लगी। बिना सोचे समझे अनिल ने अपने एक तीसरे नंबर के बेटे को उसके साथ बैठा दिया।


इसके बाद अनिल अलीगढ़ की तरफ चल दिया लेकिन कुछ देर बाद हुआ यूं कि अनिल ने जब पीछे मुड़कर देखा तो अंजान मोटर  साइकिल वाला गायब था। जिसके बाद अनिल घबरा गया। उसको देखने के लिए वह काफी पीछे तक उसको देखने के लिए गया लेकिन वो नहीं मिला। उसने तुरंत गीता कालोनी पुलिस को इस बारे में सूचित किया। पुलिस ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए एक टीम गठित कर दी और बच्चे और मोटर साइकिल के बारे में अनिल से पूछने लगे।


पुलिस टीम को हैरानी उस समय हुई जब अनिल ने कहा कि मैं उस अंजान व्यक्ति को नहीं जानता और उससे सड़क पर ही मुलाकात हुई थी। पुलिस वाले भी सकते में रह गए कि अंजान से कुछ सैकेंड की मुलाकात में उन्होंने अपने बेटे को उसकी मोटर साइकिल पर बैठा दिया। इसके बावजूद पुलिस ने अपने इलाके में अंजान को तलाशना शुरू किया। घंटो बाद अंजान व्यक्ति खुद पुलिस स्टेशन आ गया। वह खुद घंटों से अनिल को ढूंढ़ रहा था और न मिलने पर थाने आया था। यहां पर अनिल पहले से ही बैठा हुआ था।


 पुलिस को बताया कि गीता कालोनी फ्लाईओवर से अनिल दूसरे रास्ते निकल गया और वह दूसरे रास्ते। जिसके बाद वे खुद अनिल को इधर-उधर ढूंढता रहा। बेटे को भी अनिल का मोबाइल फोन नहीं पता था। जिसके कारण वह अनिल से संपर्क नहीं कर पाया। अंजान ने अनिल को उसका बेटा देकर पानी पिया और अपने रास्ते चला गया। वहीं, पुलिस ने भी अनिल को कहा कि अंजान पर इतनी जल्दी विश्वास न करें, नहीं तो काफी नुक्सान उठाना पड़ सकता है।

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