वोट देने को तैयार 97 वर्षीय बुजुर्ग

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Tuesday, March 18, 2014-3:50 PM

कल्पा: भारत जब से आजाद हुआ, श्याम सरण नेगी हर बार चुनाव में वोट देते आए हैं। आज 97 साल की उम्र में भी उनमें वही जोश कायम है। नेगी चाहते हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव में कोई भी भारतीय वोट डालने से न चूके। नेगी ने एक साक्षात्कार में आईएएनएस से कहा, ‘‘मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करना चाहिए और सरकार की बागडोर ईमानदार नेता के हाथ में सौंपनी चाहिए जो देश से भ्रष्टाचार को मिटाने की कुव्वत रखता हो और महंगाई के बढऩे पर भी रोक लगा सके।’’

रसीले सेबों के लिए मशहूर किन्नौर जिले के एक सुदूर गांव में रहने वाले नेगी के परिवार में पत्नी, चार बेटे और पांच बेटियां हैं। उन्होंने कहा कि मतदान करना जरूरी है। नेगी ढेर सारे बच्चों के दादा और नाना भी हैं। हिमाचल में लोकसभा चुनाव के मतदान का बेसब्री से इंतजार कर रहे नेगी ने कहा, ‘‘मुझे नोटा (इनमें से कोई नहीं) के विकल्प के बारे में भी बताया गया है। मेरा मानना है कि हर किसी को अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करना चाहिए।’’ हिमाचल प्रदेश में सात मई को मतदान होने हैं।

निर्वाचन अधिकारियों का एक दल शिमला से लगभग ढाई सौ किलोमीटर दूर नेगी की हाल-खबर लेने उनके गांव पहुंचा। एक सरकारी शिक्षक के रूप में 1975 में सेवानृवित्त हुए नेगी आजाद भारत में चिन्नी निर्वाचन क्षेत्र में अक्टूबर 1951 को हुए पहले लोकसभा चुनाव में वोट डालने वाले मतदाताओं में से हैं। बाद में इसका नाम किन्नौर कर दिया गया।

उस समय बर्फ  से ढके इस क्षेत्र में मतदान देश और राज्य के दूसरे निर्वाचन क्षेत्रों से पहले कराया जाता था। उम्र के तकाजे से कम देखने और सुनने के बावजूद नेगी अब भी अपने आप चल-फिर लेते हैं। उनसे 10 साल छोटी उनकी पत्नी हीरा मणि उनके साथ वोट डालने मतदान केंद्र जाएंगी। मतदान केंद्र उनके घर से लगभग एक किलोमीटर दूर है।

नेगी ने कहा, ‘‘मेरी आंख की रोशनी जा रही है, मेरा शरीर साथ नहीं दे रहा, लेकिन मैं यह जानता हूं कि ईवीएम मशीन में वोट कैसे डालते हैं। मैं मतदाता सूची पत्र पर अपने हस्ताक्षर भी स्वयं करता हूं।’’ आजाद भारत के पहले लोकसभा चुनाव को याद करते हुए नेगी कहते हैं, ‘‘उस वक्त मैंने जवाहर लाल नेहरू को वोट दिया था। लेकिन बाद में मैंने दूसरी पार्टी को वोट दिया, जिसने बेहतर शासन लाने का वादा किया।’’ हालांकि उन्होंने दूसरी पार्टी का खुलासा नहीं किया।

नेगी कहते हैं, ‘‘हाल के वर्षों में यही सुनने को मिलता है कि नेता भ्रष्ट हैं। कोई भी पार्टी असल नीतियों के साथ लोगों के पास नहीं जातीं। नेता सदन में गंभीर और प्रासंगिक मुद्दों पर चर्चा नहीं करते और हंगामा करके सदन का समय बर्बाद करते हैं।’’ कल्पा गांव मंडी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत कुल्लू, मनाली और चंबा एवं शिमला जिलों के कुछ हिस्सों के अलावा किन्नौर और लाहौल एवं स्पीति के जनजातीय इलाके आते हैं।
 

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