यर्थार्थवादी समाज को बदलने के लिए परंपरागत शिक्षा जरूरी: दलाईलामा

  • यर्थार्थवादी समाज को बदलने के लिए परंपरागत शिक्षा जरूरी: दलाईलामा
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Wednesday, March 19, 2014-8:25 PM

शिमला: तिब्बतियों के आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा ने यथार्थवादी समाज में आमूलचूल परिवर्तन करने के लिए परंपरागत शिक्षा प्रणाली की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि यह गुर और रिषियों के दर्शन को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।  हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के 21वें दीक्षान्त समारोह को संबोधित करते हुए दलाई लामा ने कहा भारत एक समृद्ध देश है जो शैक्षिक ज्ञान और बुद्धिमत्ता से परिपूर्ण है। शैक्षणिक समृद्धि के लिए युवाओं को खासकर इसका तत्काल फायदा उठाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि भारत में फलता-फूलता लोकतांत्रिक ढांचा है जिससे दुनिया में शांति, प्रगति और स्थिरता का रास्ता साफ हुआ है। धार्मिक नेता ने देश के युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें स्थिर मन और बुद्धिमत्ता के साथ मानवता के लिए काम करने के वास्ते बढ़चढ़ कर आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा समाज में शिक्षा के स्तर पर प्राचीन भारतीय भाषा संस्कृत का बहुत बड़ा योगदान है और संस्कृत की पढ़ाई अति आवश्यक हैं।

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