तस्वीरों और विडियों में देखें आस्था या अंधविश्वास का खेल

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Thursday, March 20, 2014-7:38 AM

आस्था, भक्ति और अंधविश्वास से जुड़ा फूलडोर मेला पलवल सदर थाना क्षेत्र ( होडल विधानसभा ) के गांव दीघौट में मनाया जाता है। इस मेले में जहां धार्मिक रुप से कई झांकियां निकाली जाती है वहीं कुछ लोग अपनी जान पर खेल कर ऐसे करतब दिखाते हैं जिसे हमारा कानून अनुमति नहीं देता। लोग यहां आस्था के नाम पर अपने आप को इस तरह के कष्ट पंहुचाते हैं जिन्हें देख कर किसी की भी रुह कांप जाए। रौंगटे खड़े कर देने वाले इन करतबों में व्यस्क ही नहीं छोटे बच्चे भी इन करतबों का हिस्सा बनते हैं और अगर कोई विपत्ति आ भी जाए तो यहां पर किसी चिकित्सक अथवा फस्ट एड का इंतजाम भी नहीं है।

यह भक्तों की कैसी आस्था है जहां भगवान को खुश करने के लिए खुद को कष्ट पंहुचाया जाता है क्योंकि कहीं भी किसी धार्मिक ग्रंथ में नहीं लिखा है की भगवान अपने भक्तों को कष्ट में देख कर खुश होते हैं बल्कि भगवान तो अपने भक्तों को बचाने के लिए स्वंय धरती पर अवतरित होते हैं। आखिर इसे क्या कहा जा सकता है यह जनमानस की आस्था है या अंधविश्वास ?

इस मेले का आगाज काली मां की पूजा से होता है। वहां पर नियुक्त उस्ताद काली मां  कि सवारियों कि आरती उतारते हैं।  जिन्हें देखने और दिखाने के लिए ही हजारों लोग हर साल धुलेंडी से अगले दिन दोज के दिन यहां इकट्ठा होते हैं। करतब दिखाने वाले सैंकड़ों कि संख्या में लोग होते हैं। जो हैरत में डाल देने वाले करतबों को अंजाम देते हैं जैसे जीभ के आरपार-गालों से आरपार, छाती बाजुओं   तथा जंघाओं से लोहे का छोटा त्रिशूल या चाकू -छुरी और तलवार निकालते हैं। कुछ तो गर्दन के आर पार चाक़ू या तलवार तक निकाल लेते हैं। यह ऐसे दिल को दहला देने वाले करतब हैं जिन्हें देखकर कौतुहल और भय से कोई भी सिहर उठे।

दीघौट गांव में वर्षों पुरानी परम्परा के अनुसार कोहली समाज के काली देवी की उपासना करते हैं, बकौल उनके दादा परदादा के समय से उन्हें देवी का आशीर्वाद मिलता रहा जिसके प्रभाव से कभी कोई अनहोनी नहीं होती है। कितने भी चाकू, छुरी त्रिशूल या तलवार किसी के भी शरीर से आर पार कर दी जाए किसी को कुछ भी नही होता। थोड़ी देर बाद बिना किसी दवाई के सब ठीक हो जाता है। ऐसे करतब दिखाने से जहां लोगों का मनोरंजन होता है वहीं करतब दिखाने वाले कोहली समाज के लोगों कि आजीविका भी चलती है।
      

                  









 

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